शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, बहन और चालक भी पकड़े गए

नेपाल से नागपुर तक तलाश में जुटी रही पुलिस, 11 दिन तक बदलते रहे ठिकाने; जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों का भी तबादला
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा है। तीनों नौ अक्टूबर को हुई घटना के बाद से फरार थे। उनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, शिवा शर्मा की नौ अक्टूबर को हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शिवा के परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें अपार्टमेंट से नीचे धकेला गया। वहीं, श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में खुद को निर्दोष बताते हुए शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था। उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल से नागपुर तक तलाश
घटना के बाद से पुलिस तीनों की तलाश में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में भी दबिश दे रही थी। जांच के दौरान नेपाल सीमा के पास बहराइच के रुपईडीहा में श्रद्धा की बताई गई स्कॉर्पियो मिलने के बाद पुलिस ने नेपाल की ओर भी जांच बढ़ाई। इसके बाद आगरा में उनके संभावित ठिकानों की जानकारी सामने आई। लगातार तलाश के बाद नागपुर में उनकी मौजूदगी का सुराग मिला, जहां संयुक्त टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा और शिवा पिछले करीब तीन महीने से लिव-इन संबंध में रह रहे थे। श्रद्धा की बहन भी कुछ समय से उनके साथ रह रही थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना से पहले के घटनाक्रम, मौत की परिस्थितियों और फरारी के दौरान उन्हें मदद देने वालों के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
जांच के दौरान अधिकारियों पर भी कार्रवाई
तीनों आरोपियों का सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति आरोपी कर दिया गया। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी प्राप्त किए गए थे। इसी बीच पुलिस उपायुक्त विक्रांत वीर का तबादला हुआ और हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह को भी पद से हटा दिया गया।
श्रद्धा ने अपने वीडियो में शिवा पर आर्थिक परेशानियों और 15 से 17 लाख रुपये के कर्ज का दावा किया था। उसने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी की थी। दूसरी ओर, शिवा के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। अब पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन के विवरण, कॉल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद भी शिवा की मौत के वास्तविक कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।