15 हजार की महारैली के बाद सरकार का हस्तक्षेप, कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने दिया समाधान का भरोसा
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को 44वें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। भारी बारिश के बीच करीब 15 हजार ग्रामीणों ने महारैली निकालकर लालकुआं तहसील की ओर कूच किया और तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा को आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए भेजा। करीब दो घंटे बाद तहसील के समीप पहुंचे कैड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने फोन पर आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए बिंदुखत्ता के मामले को कैबिनेट में लाकर समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने आंदोलनकारियों से मुख्यमंत्री पर भरोसा रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से देख रही है। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के सामने मुख्य सचिव से फोन पर बात कर मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
जनसभा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि संबंधित पत्रावली पूर्व में शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। महारैली में महिलाओं, युवाओं, पूर्व सैनिकों और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

