हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल होकर गिरफ्तार
हरिद्वार। बहादराबाद थाना क्षेत्र के शांतरशाह में 14 सितंबर को हुए हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार हत्या पुरानी रंजिश और कथित धमकी के चलते साजिश रचकर की गई थी। देर रात नहर पटरी पर चेकिंग के दौरान पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। फायरिंग के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर को पतंजलि रोड स्थित देव धर्मकांटा, शांतरशाह के पास 28 वर्षीय हैप्पी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के भाई कपिल की तहरीर पर बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को निर्देश दिए और अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान देर रात नहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर तमंचे से फायर कर दिया और बाइक से कलियर की ओर भागने लगे। पीछा करने पर उन्होंने दौलतपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर बाइक छोड़ दी और झाड़ियों की आड़ लेकर पुलिस पर दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
फायरिंग बंद होने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया तो नदी की ओर ढलान पर एक युवक घायल अवस्था में मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम मुदस्सिर पुत्र जमशेद, निवासी दतौली रांगण, थाना कोतवाली देहात, सहारनपुर, उम्र 20 वर्ष बताया। उसके बाएं पैर की पिंडली में गोली लगी थी। घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुरानी रंजिश को बताया हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में इस्तकार उर्फ इस्तयाक अमजद निवासी जनकपुरी, सहारनपुर की पुत्री को भगाकर ले गया था। इस मामले में जनकपुरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और इस्तकार की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस का कहना है कि उस गिरफ्तारी में इस्तकार को हैप्पी पर मुखबिरी करने का शक था, जिसके चलते दोनों के बीच रंजिश हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार कथित तौर पर स्मैक के धंधे में शामिल हो गया था। हैप्पी द्वारा उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस का दावा है कि लगातार विवाद और पैसे की मांग से परेशान होकर इस्तकार ने अपने साथियों के साथ मिलकर हैप्पी की हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने 12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की और 14 सितंबर को वारदात को अंजाम दिया।
यह सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, दो खोखे, दो जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद करने की बात कही है।
एसएसपी हरिद्वार की ओर से पुलिस टीम को 2,500 रुपये तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र की ओर से 5,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। मामले में फरार आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
