पंतनगर में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारंभ
पंतनगर, 3 अक्टूबर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में शनिवार को 120वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की कृषि को नई दिशा देने के लिए तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को किसानों के खेत तक पहुंचाना जरूरी है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब ‘फूड सरप्लस’ से ‘इनकम सरप्लस’ की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
उन्होंने किसानों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए ‘लैब टू लैंड’ की अवधारणा को मजबूत करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने उत्तराखंड में शहद, सुगंधित एवं औषधीय फसलों तथा श्रीअन्न के क्षेत्र में संभावनाएं बताते हुए हनी, अरोमा और मिलेट्स क्रांति पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि अनुसंधान का लाभ तभी है, जब वैज्ञानिक तकनीक किसानों के खेत तक पहुंचे। उन्होंने बागवानी, हाई डेंसिटी एप्पल, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और मोटे अनाज को बढ़ावा देने तथा युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया।
कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन और अन्य गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने उत्पादन लागत कम करने और आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक कृषि ज्ञान के समन्वय की आवश्यकता बताई।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेंद्र क्वात्रा ने बताया कि मेले में 560 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और 40 से 50 हजार किसानों के पहुंचने की संभावना है। स्टॉलों पर कृषि यंत्र, जैविक उत्पाद, ड्रोन, स्मार्ट कृषि उपकरण, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, नई प्रजातियों और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इस अवसर पर नौ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न कृषि प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
