नाबालिग से दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में एसएसपी पौड़ी के निर्देश पर हुई निष्पक्ष जांच, मामले की जांच में खुली हैवानियत की परतें।
मासूम बेटियों के साथ लम्बे समय तक यौन शोषण करने वाले कलयुगी पिता को पौड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल।
कोटद्वार निवासी एक महिला द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि उसके पति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्रियों के साथ पिछले कई समय से दुष्कर्म एवं यौन शोषण किया जा रहा था, साथ ही इसके संबंध में किसी को जानकारी देने अथवा पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने तथा घर से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करते हुए कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0 188/2026 अंतर्गत धारा 351(2), 64(2)(एफ), 64(2)(एम) BNS तथा धारा 5(एल)/6 एवं 5(एएन)/6 पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की प्रारम्भिक जांच के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि पति-पत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद चल रहा था। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता एवं सत्यता का निष्पक्ष रूप से जांच करना, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रकरण में कहीं आपसी आरोप-प्रत्यारोप अथवा पारिवारिक विवाद के चलते लगाए गए आरोप तो नहीं हैं। प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मामले की गहनता से जांच करते हुए त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निर्गत निर्देशों के क्रम में उक्त प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करते हुए विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। साथ ही प्रकरण में पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ एवं जानकारी की गई। प्रारम्भ में अभियुक्त द्वारा विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया, किंतु आवश्यक साक्ष्य संकलन,पीड़िता के बयानों व आवश्यक कार्यवाही के पश्चात अभियुक्त द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार किया गया। उक्त प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर अभियुक्त अनूप चन्द्र को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने के पश्चात जेल भेज दिया गया है।
पंजीकृत अभियोग
मु0अ0सं0 188/2026 अंतर्गत धारा 351(2), 64(2)(एफ), 64(2)(एम) BNS तथा धारा 5(एल)/6 एवं 5(एएन)/6 पोक्सो अधिनियम
