
कैंचीधाम में खाद्य विभाग की सघन जांच, 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस
कैंचीधाम, 8 अक्टूबर। आगामी पर्यटन सीजन और दशहरा-दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सघन निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड, आयुक्त कुमाऊं मंडल और जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर हरतपा रोड तथा बाबा नीम करौली मंदिर के बाहर स्थित होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट और प्रसाद-मिठाई विक्रेताओं के डेढ़ दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह होने पर एक होम स्टे संचालक और एक प्रसाद विक्रेता से बेसन के लड्डू और चायपत्ती के दो नमूने लिए गए। दोनों नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच में नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में कमियां भी मिलीं। इनमें कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड, किचन में पेस्ट कंट्रोल के लिए दवाओं का छिड़काव, खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट तथा एफएसएसएआई लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र का प्रदर्शन नहीं किया जाना प्रमुख रहा।
इन कमियों के चलते होटल, होम स्टे और प्रसाद विक्रेताओं सहित कुल 10 प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें गोल्डन पाइंस होम स्टे, सिद्धि रेस्टोरेंट, बजरंग रेस्टोरेंट, बाबा मेंशन, शिवा होम स्टे, कैंची होम स्टे और स्वास्तिक होम स्टे समेत अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियों का निर्धारित अवधि में अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित धाराओं के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है।
मिलावट के खिलाफ सख्ती के निर्देश
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी पर्यटन सीजन के साथ दशहरा और दीपावली पर्व को देखते हुए विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खाद्य सामग्री की खरीद नहीं करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने तथा खराब और कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय अथवा भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल कराने तथा खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छ एप्रिन पहनने के निर्देश भी दिए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
