रामनगर
उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष हमने का नाम नहीं ले रहा है लगातार बढ़ रहे हिंसक वारदातों से जन सामान के लिए चिंता का विषय है कहीं हाथी,टाइगर तो कहीं लेपर्ड व भालू द्वारा किए गए हमलो के बाद होने वाली घटनाएं वन विभाग की कार्य प्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगा रही हैं लेकिन इन सब घटनाओं में सरकार द्वारा मिलने वाली राशि ही जनता के लिए काफी नहीं है इसके लिए सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
गुरुवार को पौड़ी गढ़वाल ज़िले के धुमाकोट के जंगल वाले इलाके में बकरियां चरा रही 52 साल की एक महिला की भालू के हमले में मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान धुमाकोट निवासी होशियार सिंह की पत्नी मंजू देवी (52) के तौर पर हुई है। वह और तीन अन्य महिलाएं अपनी बकरियां चराने के लिए जंगल गई थीं, तभी अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
इस हमले में मंजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले PHC धुमाकोट ले जाया गया, जहाँ से उन्हें रामनगर के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
