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एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की, सत्यापन और महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश
देहरादून, 7 अप्रैल। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने गढ़वाल और कुमाऊं रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों तथा सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पुलिस सत्यापन, महिला सुरक्षा और ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत चल रही कार्यवाहियों पर विशेष जोर दिया गया।
एडीजी ने निर्देश दिए कि किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए और इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम-2007 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सत्यापन के दौरान संदेहास्पद मामलों में आईसीजेएस पोर्टल, एनसीआरसी और नाफिस के माध्यम से तत्काल तकनीकी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और गेटेड कॉलोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने तथा उल्लंघन पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, अन्य राज्यों और जनपदों को भेजे गए सत्यापन प्रपत्रों की नियमित फॉलोअप करने पर भी जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एडीजी ने ‘गौरा शक्ति मॉड्यूल’ के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं के पंजीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण किया जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में महिला चीता पुलिस द्वारा नियमित गश्त बढ़ाई जाए।
इसके अलावा, महिला एवं बच्चों से जुड़े आपराधिक मामलों की विवेचना निर्धारित समयसीमा में पूरी करने को कहा गया। ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता बरतने तथा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल, एसएसपी रामचन्द्र राजगुरू और एएसपी अंकुश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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