सीधी से आई तस्वीर ने बदली प्रशासन की परिभाषा, दरी पर बैठकर कलेक्टर ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
सीधी (मध्य प्रदेश), 5 अप्रैल:
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सामने आई एक तस्वीर ने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कलेक्टर विकास मिश्रा तपती धूप में गांव के बीच दरी पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते नजर आए, जिससे जनसेवा के प्रति संवेदनशीलता का एक अलग ही उदाहरण सामने आया।
जमीन पर दिखी संवेदनशीलता
आमतौर पर अधिकारी और आम जनता के बीच दूरी देखी जाती है, लेकिन इस शिविर में कलेक्टर मिश्रा बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच बैठे। उनके सामने ग्रामीण अपनी समस्याएं खुलकर रखते दिखे। यह दृश्य प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला रहा।
एसी दफ्तरों से बाहर निकला प्रशासन
मझौली क्षेत्र में आयोजित इस शिविर में कलेक्टर का आम लोगों के बीच बैठना पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बना। ग्रामीणों ने भी इस पहल को “सरकार का असली चेहरा” बताते हुए सराहना की।
स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों को राहत
शिविर के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों को मौके पर इलाज मिला। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह शिविर राहत का केंद्र साबित हुआ। कलेक्टर की मौजूदगी से लोगों में भरोसा जगा कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।

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