स्पेन ने अतिरिक्त समय में गोल करते हुए अर्जेंटीना को मात दी और फीफा वर्ल्ड कप-2026 का खिताब अपने नाम किया।
इसी के साथ स्पेन ने 16 साल बाद विश्व विजेता का तमगा हासिल किया। इससे पहले ये टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी और जीती थी। इस जीत ने स्पेन के खिलाड़ियों को मालामाल कर दिया है।
फीफा ने इस बार अपनी प्राइज मनी में कतर में खेले गए पिछले वर्ल्ड कप की तुलना में 50 फीसदी तक का इजाफा किया था। ऐसे में विजेता और उप-विजेता दोनों टीमों की जमकर कमाई हुई है। अर्जेंटीना का लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी टूट गया, लेकिन कमाई के मामले में वह पीछे नहीं रहा।
कितनी मिली प्राइज मनी?
स्पेन को इस वर्ल्ड कप के जीतने के बाद 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्राइज मनी मिली जिसे अगर भारतीय रुपये में बदला जाए तो तकरीबन 477 करोड़ रुपये होगी। वहीं उपविजेता अर्जेंटीना को 33 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिले हैं। भारतीय रुपये में इसे बदला जाए तो तकरीबन 314 करोड़ रुपये होते हैं।
वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों की भी अच्छी-खासी कमाई हुई है। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलेंगे जो तकरीबन 278 करोड़ रुपये होंगे। वहीं चौथे स्थान पर रहने वाली फ्रांस के हिस्से 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर आएंगे जो तकरीबन 259 करोड़ डॉलर होंगे।
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ऐसा रहा मैच का हाल
फीफा वर्ल्ड कप फाइनल को जैसा होना चाहिए था ये मैच वैसा ही हुआ। रोमांच और संघर्ष से भरपूर। अर्जेंटीना जैसी टीम के लिए स्पेन की दीवार को तोड़ना नामुमकिन साबित रहा और उसमें दुनिया के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी भी कुछ नहीं कर पाए। अपनी संगठित फुटबॉल के लिए मशहूर स्पेन ने अर्जेंटीना के हर प्रयास को नकारा। 106वें मिनट में स्पेन के पास गोल करने का मौका आया जिसे फेरन टोरेस ने गोल में तब्दील कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
