उत्तरकाशी।
प्रदेश की सबसे लंबी निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग ब्रेकथ्रू हो गई है,
निर्माणधीन सिलक्यारा टनल में 12 नवंबर 2023 की सुबह अचानक मलबा गिरने से 41 मजदूर फंस गए थे। देश और दुनिया में 17 दिनों तक सुर्खियों में रही सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए दुनियाभर के कई एक्सपर्टस को रेस्क्यू अभियान में शामिल किया गया। ऑस्ट्रेलिया के टनल विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स के नेतृत्व में ओगर मशीन से टनल के अंदर रेस्क्यू अभियान चलाया गया , लेकिन टनल में फंसे मजदूरों को निकालने में सफलता नहीं मिल पाई, रेस्क्यू अभियान के 16 वें दिन दिल्ली से पहुंचे 7 रेट हॉल माइनर्स ने टनल के अंदर रेस्क्यू

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अभियान शुरू किया और 17 वें टनल में फंसे 41मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला,लेकिन उसके बाद टनल के अंदर पसरा 60 मीटर हटाना निर्माण कंपनी एनएचआईडीसीएल के लिए चुनौती बन गया, मलबा गिरने के बाद करीब एक माह तक टनल के अंदर निर्माण कार्य बंद रहा,निर्माण शुरू होने के बाद कंपनी टनल के अंदर 60 मीटर हिस्से में फैले मलबे को आधुनिक मशीनों की मदद से हटाया, साथ ही सुरंग को ब्रेकथ्रू करने के साथ-साथ स्केप टनल भी बनाई गई, ताकि टनल के अंदर पूर्व की तरह मलबा गिरने पर मजदूरों को स्केप टनल से बाहर निकाला जा सके। आज बुधवार सिलक्यारा-पोलगाँव 4.5 किमी लंबी


टनल के ब्रेकथ्रू होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रदीप टमटा सहित केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी सिलक्यारा में मौजूद रहे।
टनल से ट्रेफिक शुरू होने में लगेगा दो साल का समय
उत्तरकाशी।
निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोल गाँव टनल के ब्रेकथ्रू होने के बाद ट्रेफिक शुरू होने में दो साल का समय लगेगा। लेकिन टनल ट्रेफिक के लिए तैयार होने पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किमी कम हो जाएगी।

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