मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड ने न सिर्फ शहर को हिलाकर रख दिया, बल्कि इस सनसनीखेज वारदात ने सवालों का ऐसा जाल बुना है कि हर कोई हैरान है. पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर सौरभ की हत्या की, लेकिन इस खौफनाक साजिश का असली सूत्रधार कौन था? क्या यह मुस्कान की चालाकी थी या साहिल का अंधविश्वास और जुनून? पुलिस की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जो इस गुत्थी को और उलझा रहे हैं.

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मुस्कान: साजिश की शातिर मास्टरमाइंड?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया है कि मुस्कान रस्तोगी इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी. उसने साहिल की कमजोरी को समझा और उसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया. साहिल अपनी मां से बेहद प्यार करता था और उनकी याद में अक्सर भावुक हो जाता था. मुस्कान ने इसी कमजोरी को हथियार बनाया. उसने स्नैपचैट पर फर्जी आईडी बनाकर साहिल को मैसेज भेजे, जिसमें लिखा कि सौरभ की हत्या जरूरी है. इतना ही नहीं, उसने सौरभ की फर्जी आईडी बनाकर यह दिखाने की कोशिश की कि सौरभ के मां-बाप उसे मारना चाहते हैं. इसका मकसद था कि हत्या के बाद सौरभ के परिजनों पर शक जाए और वह साहिल के साथ बच निकले.

क्यों मगाई ब्लीच?
मुस्कान की प्लानिंग कितनी सोची-समझी थी, इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि उसने हत्या से पहले ब्लिंकिट से ब्लीच मंगाई, ताकि खून के धब्बों को साफ किया जा सके. हत्या के बाद उसने सौरभ का धड़ बेड के बॉक्स में रखा और उसी बेड पर सोई, जैसे कुछ हुआ ही न हो. शिमला में साहिल के साथ पति-पत्नी बनकर होटल में रुकना भी उसकी चाल का हिस्सा था. क्या यह सब मुस्कान की ठंडे दिमाग से रची गई साजिश थी
साहिल की भूमिका भी कम हैरान करने वाली नहीं है. पुलिस पूछताछ में पता चला कि साहिल ने सौरभ का कटा सिर और हाथ 24 घंटे तक अपने कमरे में रखे और वहां सोया. उसके घर से तंत्र-मंत्र की तस्वीरें और भगवान शिव के चित्र मिले, जो उसके अंधविश्वास को दर्शाते हैं. मुस्कान ने साहिल को यह यकीन दिलाया कि उसकी मां की आत्मा या देवी मां ने सौरभ की हत्या का आदेश दिया है. साहिल इस बात में इतना डूब गया कि उसने हत्या को जायज ठहरा लिया, लेकिन क्या वह सिर्फ मुस्कान का मोहरा था, या उसका अपना जुनून भी इस वारदात में शामिल था?

2024 से शुरू हुई साजिश
पुलिस को दोनों ने बताया कि सौरभ को रास्ते से हटाने की प्लानिंग नवंबर 2024 में शुरू हुई थी. दोनों साथ रहना चाहते थे और इसके लिए सौरभ की हत्या जरूरी समझते थे. गांव-गांव घूमकर उन्होंने जानवरों को दफनाने की जगह तलाशी, ताकि शव को छिपाया जा सके. हत्या के लिए चाकू, उस्तरा, नींद की गोलियां और ब्लीच तक की व्यवस्था पहले से कर ली गई थी. यह सारी तैयारी बताती है कि यह कोई आवेश में लिया गया फैसला नहीं, बल्कि पूरी तरह से प्लान्ड मर्डर था, लेकिन इस प्लानिंग में किसका दिमाग ज्यादा चला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने इस अपराध को ‘अत्यंत जघन्य’ करार दिया. उनका कहना है कि इस तरह की वारदात का मोडस ऑपरेंडी इसे बेहद गंभीर श्रेणी में लाता है. ब्रह्मपुरी पुलिस जल्द चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश करेगी और दोनों आरोपियों को कठोर सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी, लेकिन सवाल वही है- साहिल और मुस्कान में से असली अपराधी कौन?

कौन था असली कातिल?
क्या मुस्कान ने साहिल को अपने जाल में फंसाकर हत्या करवाई, या साहिल का अंधविश्वास और प्रेम का जुनून भी इस साजिश का हिस्सा था? पुलिस की जांच में मुस्कान को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, लेकिन साहिल की हरकतें भी उसे सिर्फ एक कठपुतली नहीं दिखातीं. शायद सच इन दोनों के बीच कहीं छिपा है- एक शातिर दिमाग और एक अंधे जुनून का खतरनाक मेल है. इस हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गया कि प्यार और विश्वास की आड़ में ऐसी क्रूरता कैसे पनप सकती है.


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मुस्कान ने डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च का सहारा लिया था
नींद की गोलियों से लेकर नशीली दवाओं तक, हर कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था.
एक डॉक्टर के पास जाकर खुद को डिप्रेशन का मरीज बताया था.
मेरठ. मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड की जांच में हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस की तफ्तीश में अब यह बात उजागर हुई है कि हत्यारोपी पत्नी मुस्कान ने सौरभ की हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च का सहारा लिया था. नींद की गोलियों से लेकर नशीली दवाओं तक, हर कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था.

डॉक्टर के पर्चे पर क्या-क्या लिखा?
मुस्कान ने 22 फरवरी 2025 को शारदा रोड के एक डॉक्टर के पास जाकर खुद को डिप्रेशन का मरीज बताया. उसने डॉक्टर से नींद की गोलियां लिखवाने की गुहार लगाई, क्योंकि बिना पर्चे के ऐसी दवाएं मिलना मुश्किल था. डॉक्टर ने उसकी बात मानकर नींद की गोलियां प्रेस्क्राइब कीं, लेकिन मुस्कान यहीं नहीं रुकी. उसने गूगल पर सर्च करके नींद और नशे की गोलियों के कुछ खास साल्ट (रासायनिक नाम) खोजे और उन्हें डॉक्टर के पर्चे पर अपनी मर्जी से जोड़ दिया. इसके बाद वह अपने प्रेमी साहिल के साथ खैरनगर पहुंची और वहां से नींद की गोलियों के साथ-साथ नशीली दवाएं भी खरीदीं. पुलिस को संदेह है कि पर्चे पर लिखे गए साल्ट में डायजेपाम या अल्प्राजोलम जैसी दवाएं शामिल हो सकती हैं, जो गहरी नींद और बेहोशी पैदा करने में सक्षम हैं.

ऑनलाइन क्या-क्या मंगाया?
मुस्कान की साजिश सिर्फ डॉक्टर के पर्चे तक सीमित नहीं थी. उसने ऑनलाइन सर्च के जरिए हत्या को अंजाम देने के लिए जरूरी सामान की जानकारी जुटाई. जांच में पता चला कि उसने गूगल पर नींद और नशे की गोलियों के प्रभाव, उनके साल्ट और उपलब्धता को खंगाला. इसके अलावा, उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कुछ दवाओं के बारे में जानकारी हासिल की, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसने दवाएं ऑनलाइन ऑर्डर कीं या स्थानीय दुकान से खरीदीं. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसने कोई डिलीवरी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही, शारदा रोड से 800 रुपये में दो मीट काटने वाले चाकू, 300 रुपये में उस्तरा और पॉली बैग भी खरीदे गए, जो संभवतः स्थानीय दुकानों से लिए गए थे, लेकिन ऑनलाइन सर्च से उनकी कीमत और उपलब्धता की पड़ताल की गई होगी.

हत्या की साजिश में इस्तेमाल
मुस्कान ने इन नींद की गोलियों और नशीली दवाओं का इस्तेमाल सौरभ को बेहोश करने के लिए किया. 3 मार्च को सौरभ अपनी मां रेणु के घर से लौकी के कोफ्ते की सब्जी लाया था. मुस्कान ने कोफ्तों में नींद की गोलियां और नशीली दवाएं मिला दीं. इससे पहले उसने सौरभ की शराब में भी नींद की गोलियां मिलाने की कोशिश की थी, लेकिन सौरभ ने शराब नहीं पी. कोफ्तों में दवा मिलाने के बाद सौरभ बेहोश हो गया, जिसके बाद मुस्कान और साहिल ने उसकी गर्दन उस्तरे से काटी और शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए.

पुलिस की जांच जारी
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मुस्कान और साहिल ने नवंबर 2024 से ही सौरभ की हत्या की प्लानिंग शुरू कर दी थी. डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च इस साजिश के अहम हिस्से थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पर्चे पर लिखी गई दवाओं के अलावा और क्या-क्या ऑनलाइन मंगाया गया. फॉरेंसिक टीम दवाओं के सैंपल की जांच कर रही है ताकि उनके सटीक प्रभाव का पता लगाया जा सके.

इस हत्याकांड ने मेरठ ही नहीं, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. सौरभ को रास्ते से हटाने की यह खौफनाक साजिश डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च से शुरू होकर बाथरूम में शव के टुकड़े करने तक पहुंची, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है.

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