केंद्रीय कैबिनेट के अहम फैसले: कर्मचारियों को डीए में 3% बढ़ोतरी, गांवों और उद्योगों के लिए नई योजनाएं

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने के साथ ग्रामीण विकास तथा औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता बढ़ा
सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इससे करीब 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
2.55 लाख से अधिक पंचायतों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और स्थानीय विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने 7,395.55 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी दी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी। इसके तहत देश की 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना के लिए केंद्र सरकार 4,869.48 करोड़ रुपये और राज्य सरकारें 2,526.07 करोड़ रुपये का योगदान देंगी। इसके तहत पंचायतों की विकास योजनाओं, डिजिटल व्यवस्था, प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण और वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मंच के माध्यम से नागरिकों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
कंटेनर निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की योजना
आयात पर निर्भरता कम करने और समुद्री व्यापार की आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। योजना का उद्देश्य देश में कंटेनरों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र में विनिर्माण क्षमता विकसित करना है।
योजना के तहत वित्त वर्ष 2039-40 तक सालाना 7.5 लाख टीईयू कंटेनर उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूंजी ऋण पर ब्याज सहायता, परिचालन व्यय में प्रोत्साहन तथा परीक्षण और प्रमाणन सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से लगभग 3,000 प्रत्यक्ष और 50 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इन फैसलों के माध्यम से केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने, पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने से जुड़े क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है।