
काम दिलाने के बहाने ले गए थे साथ… अगली सुबह श्मशान घाट के पास जिस हाल में मिली महिला, देख सन्न रह गए लोग
उज्जैन के चिंतामन थाना क्षेत्र में काम दिलाने का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी राकेश और दिलीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पढ़िए पूरी खबर…
| मध्य प्रदेश के उज्जैन के चिंतामन थाना इलाके से एक बहुत ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रत्नाखेड़ी गाँव में दो दरिंदों ने एक बेबस महिला को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया और फिर उसे गाँव के बाहर श्मशान घाट के पास लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को तुरंत दबोच लिया है और अदालत के आदेश के बाद उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
रविवार की सुबह रत्नाखेड़ी गाँव के आसपास रहने वाले लोगों ने एक महिला को बेहद डरी-सहमी और बदहवास हालत में घूमते हुए देखा। महिला की हालत देखकर ग्रामीणों को किसी अनहोनी का शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने बिना देर किए तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और महिला को संभाला। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की पूरी आपबीती बताई।
काम दिलाने के बहाने ले गए और रातभर की दरिंदगी
पीड़ित महिला ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि वह उज्जैन के शहरी इलाके की रहने वाली है और शनिवार की शाम को किसी काम से चिंतामन इलाके में आई थी। उसी दौरान दो लोगों ने उससे बातचीत शुरू की और उसे काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए। इसके बाद आरोपियों ने पूरी रात उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और रविवार की सुबह उसे रत्नाखेड़ी गाँव के पास श्मशान घाट के किनारे फेंककर भाग निकले।
पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच तेज की और आसपास के सुरागों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में राकेश (35 वर्ष), जो कि रत्नाखेड़ी गाँव का ही रहने वाला है और उसका दोस्त दिलीप (35 वर्ष), निवासी भैरवगढ़ मार्ग शामिल हैं।
बता दें कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके सोमवार को अदालत में पेश किया, जहाँ से जज ने उन्हें जेल भेजने का फरमान सुना दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में मजबूत सबूत इकट्ठा कर रहे हैं ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।