ऑपरेशन प्रहार: फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, ऊधमसिंहनगर से 11वां आरोपी गिरफ्तार
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने काशीपुर में देर रात दबिश देकर ऊधमसिंहनगर निवासी फईम अहमद को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। इस पूरे मामले की जांच बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में स्थानांतरित हुए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की पड़ताल के दौरान सामने आई। इसके आधार पर चार जून को काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का संगठित नेटवर्क राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। एसटीएफ पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक दलाल, लाइसेंस धारक, हथियार आपूर्तिकर्ता और सहयोगी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस रखने वालों से स्वयं आगे आकर हथियार और लाइसेंस जमा कराने की अपील की है। साथ ही आमजन से भी ऐसे मामलों की सूचना देने का आग्रह किया गया है, जिसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अब तक इस अभियान के तहत तीन मुकदमे दर्ज, 11 आरोपियों की गिरफ्तारी, 15 अवैध हथियार, 350 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।
