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सुख-समृद्धि और लोकआस्था का संगम: श्री राजपाल महाराज मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ
लालकुआं। क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ लालकुआं से लगभग 10 किलोमीटर दूर घने वन क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री राजपाल महाराज मंदिर में सोमवार से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा एवं गणपति पूजन के साथ हुआ। धार्मिक आयोजन में बौड़खत्ता, डौली खत्ता, शक्तिफार्म, आनंदनगर, शांतिपुरी तथा बिंदुखत्ता क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रातः लगभग 10 बजे बौड़खत्ता से सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक एवं सुसज्जित वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। श्रद्धालु “जय माता दी” तथा “राजपाल महाराज की जय” के उद्घोष के साथ लगभग पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए मंदिर परिसर पहुंचे। कलश यात्रा के मंदिर पहुंचते ही पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं के जयघोष से मंदिर प्रांगण के साथ-साथ आसपास का वन क्षेत्र भी गूंज उठा।
कथा के प्रथम दिवस पर कथा व्यास श्री नन्द किशोर जोशी शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कथा का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक ज्ञान का अमृत है।
क्षेत्र में स्थित श्री राजपाल महाराज मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार राजपाल महाराज एक चरवाहे थे, जो आज भी दिव्य रूप में क्षेत्र के पालतू पशुओं एवं ग्रामीणों की रक्षा करते हैं। इसी श्रद्धा और विश्वास के कारण क्षेत्रवासी उन्हें भगवान के समान पूजते हैं और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
आयोजन समिति के अनुसार आठ दिवसीय कथा का समापन 8 जून , सोमवार को व्यास पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ होगा। समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पहुंचकर धर्मलाभ एवं पुण्य अर्जित करने की अपील की है।
धार्मिक आयोजन के शुभारंभ से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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