नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा, सहयोगी युवती को 5 वर्ष कारावास
, बैतूल
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अवयस्क बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सख्त फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और सहयोग करने वाली युवती को 5 वर्ष की सजा सुनाई है। अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो) बैतूल ने आरोपी अलकेश उर्फ मोदी
(21) निवासी थाना चिचोली को धारा 376 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया। साथ ही अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने और धमकी देने के मामलों में अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। वहीं मामले में सहयोग करने वाली आरोपिया सलोनी (20) को बालिका को भगाने में भूमिका निभाने के अपराध में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया। घटना
21 जनवरी 2024 की है, जब पीड़िता अपने भाई के साथ होस्टल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। जांच में सामने आया कि आरोपी अलकेश और सलोनी उसे बहला फुसलाकर जन्मदिन पार्टी का झांसा देकर बैतूल ले गए। यहां आरोपी अलकेश ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोपिया सलोनी ने पीड़िता से जबरन घर छोड़ने का पत्र भी लिखवाया। इसके बाद आरोपी उसे धमकाकर ट्रेन से सिकंदराबाद ले गया, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया। मामले में विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते अभियोजन पक्ष ने अपराध को संदेह से परे सिद्ध किया। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए सख्त चेतावनी माना जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में कानून कड़ी कार्रवाई
