चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में व्यावसायिक गैस वितरण की नई व्यवस्था लागू
देहरादून, 16 मार्च। आगामी चारधाम यात्रा और शीतकालीन पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। सरकार का कहना है कि गैस आपूर्ति प्रभावित होने से पर्यटन और संबंधित व्यवसायों पर असर पड़ सकता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के तहत राज्य में अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों की जरूरतों के अतिरिक्त दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत व्यावसायिक एलपीजी विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
होटल-रेस्टोरेंट को सबसे ज्यादा प्राथमिकता
नई व्यवस्था में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है।
रेस्टोरेंट/ढाबा: 37%
होटल एवं रिजॉर्ट: 28%
फार्मास्युटिकल (लाइफ सेविंग ड्रग): 7%
सरकारी गेस्ट हाउस: 6%
औद्योगिक कैंटीन: 6%
छात्र आवास (PG): 6%
डेयरी व खाद्य प्रसंस्करण: 5%
होमस्टे/स्वयं सहायता समूह: 5%
कुल मिलाकर प्रतिदिन 2650 व्यावसायिक सिलेंडरों का आवंटन तय किया गया है।
जिलों के अनुसार भी तय हुआ कोटा
सरकार ने जिलों के अनुसार भी गैस वितरण का प्रतिशत तय किया है।
देहरादून: 31% (सबसे अधिक)
हरिद्वार: 13%
नैनीताल: 13%
ऊधमसिंह नगर: 9%
अन्य पर्वतीय जिलों को 2% से 6% तक आवंटन दिया गया है।
तीनों तेल कंपनियां करेंगी आपूर्ति
यह गैस आपूर्ति देश की तीन प्रमुख कंपनियों — Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited — द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार की जाएगी। सभी कंपनियों को जिलाधिकारियों को नियमित सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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