लालकुआं

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25 फरवरी की राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिन्दुखत्ता समेत वन भूमि पर बसे लोगों को राजस्व गांव के दर्जे का प्रस्ताव न लाने पर रोष, भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक का पुतला दहन
गैरसैण में होने 9 मार्च से होने जा रहे विधानसभा सत्र में राजस्व गांव का विधिवत प्रस्ताव पारित करने की मांग, अन्यथा होगा जनान्दोलन

इंडिया गठबंधन की पार्टियों कांग्रेस और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक द्वारा कल 25 फरवरी को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिन्दुखत्ता समेत तमाम वन भूमि पर बसे लोगों को राजस्व गांव के दर्जे का प्रस्ताव न लाने पर रोष प्रकट करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और कार रोड चौराहा पर प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक का पुतला दहन किया गया. गौरतलब है कि लालकुंआ विधायक डा. मोहन बिष्ट ने जनता के बीच बकायदा वीडियो बयान जारी कर कहा था कि 25 फरवरी को राज्य कैबिनेट की बैठक में बिन्दुखत्ता राजस्व गांव का प्रस्ताव पारित किया जायेगा। विधायक ने जनता से 18 फरवरी को राजस्व गांव बनाने की मांग पर बिन्दुखत्ता संयुक्त संघर्ष समिति की रैली में लोगों से न जाने की अपील करते हुए कहा था कि जब 25 फरवरी को राज्य मैत्रिमंडल की बैठक में राजस्व गांव का प्रस्ताव पारित होने जा रहा है तब रैली की जरूरत क्या है? लेकिन कल 25 फरवरी की राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में बिन्दुखत्ता समेत वन भूमि पर बसे लोगों को राजस्व गांव का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित करना तो दूर रहा इसका जिक्र तक नहीं किया गया। अब लालकुआं विधायक कह रहे हैं कि कागज पूरे नहीं हैं, अगर आज भी कागज पूरे नहीं हैं तो सवाल यह है कि चार सालों से विधायक राजस्व गांव की बात बिना काग़जों के कर रहे थे. विधायक इस तरह की बयानबाजी करने के बजाय अपनी नाकामियों को स्वीकार कर जनता से माफी मांगें.

वक्ताओं ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार और लालकुंभा विधायक के 18 फरवरी की रैली को फ्लाप करने के इरादे से ऐसा किया। हम सरकार के इस रवैये की तीखी आलोचना करते हैं और विधायक से जनता से झूठ बोलने के लिए माफी मांगने की माँग करते हैं. साथ ही गैरसैण में होने 9 मार्च से होने जा रहे आगामी विधानसभा सत्र में बिंदुखत्ता समेत वन भूमि पर बसी आबादी को राजस्व गांव का दर्जा देने का विधिवत प्रस्ताव पारित कर, वन भूमि को राजस्व भूमि में हस्तांतरण का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजर राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग करते हैं। यह चेतावनी दी गई अगर विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित नहीं किया जाता तो विराट जनान्दोलन की ओर बढ़ा जायेगा. सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया, यदि 30 अप्रैल 2026 से पूर्व राजस्व गांव बनाने की अधिसूचना जारी नहीं हुई तो हम 1 मई से नए जनआन्दोलन का आगाज करने को बाध्य होंगे।

प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय, बिंदुखत्ता ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष पुष्कर दानू, महिला काँग्रेस की मीना कपिल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के कुन्दन मेहता, भाकपा माले बिंदुखत्ता सचिव पुष्कर दुबड़िया, प्रदेश सचिव काँग्रेस कमेटी गिरधर बम, राजेन्द्र खनवाल, हरीश बिसोती, काँग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रमोद कलोनी, माले नेता किशन बघरी, गुरदयाल मेहरा, प्रदीप बथीयाल, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के रमेश कुमार, धीरज कुमार, किसान महासभा के गोविंद जीना, काँग्रेस के भगवान धामी, किसान महासभा के चंदन राम, बिशन दत्त जोशी, निर्मला शाही, नरेंद्र सिंह बिष्ट, आनंद दानू, प्रवीण दानू, कुन्दन कोहली, मोती सिंह धामी, गोविंद बल्लभ भट्ट, गोपाल सिंह दानू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की.

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