नई दिल्ली/हल्द्वानी। जमीनी स्तर पर कृषि नवाचार को राष्ट्रीय पहचान देते हुए Indian Agricultural Research Institute (आईएआरआई) ने नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक Pusa Krishi Vigyan Mela के दौरान देशभर के सात प्रगतिशील किसानों को प्रतिष्ठित ‘किसान अध्येता पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष खेती में नवाचार, सतत कृषि पद्धतियों, तकनीकी अपनाने और किसान-नेतृत्व शोध में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच से सात किसानों को प्रदान किया जाता है।

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इस वर्ष सम्मानित किसानों में उत्तराखंड के नरेंद्र सिंह मेहरा, तेलंगाना के जयपाल रेड्डी, गुजरात के गेना भाई पटेल, बिहार की बिनिता कुमारी, पंजाब के गुरविंदर सिंह सोही तथा आंध्र प्रदेश के बंदारू श्रीनिवास राव और वेंकटेश्वर राव यादलपल्ली शामिल हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया सम्मानित, बताया ‘राष्ट्र निर्माता’
Shivraj Singh Chouhan, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने मेले के उद्घाटन सत्र में सभी किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मंगी लाल जाट, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी तथा आईएआरआई के निदेशक एच.सी. श्रीनिवास राव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


अपने संबोधन में श्री चौहान ने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा, “किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता हैं। भारत कृषि के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है और इसका श्रेय हमारे किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को जाता है।”
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब मंत्री ने पीछे बैठे सातों सम्मानित किसानों को मंच पर आमंत्रित किया, जिससे विज्ञान और किसान समुदाय के बीच साझेदारी का संदेश दिया गया।
नरेंद्र सिंह मेहरा को तीसरी बार राष्ट्रीय सम्मान
सम्मानित किसानों में उत्तराखंड के नरेंद्र सिंह मेहरा प्राकृतिक खेती और जमीनी नवाचार के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बनकर उभरे हैं। नवंबर 2025 से अब तक उन्हें पांच राष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
इस नवीन उपलब्धि के साथ वे देश के पहले ऐसे किसान बन गए हैं जिन्हें नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा तीन अलग-अलग अवसरों पर राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
प्राकृतिक खेती की तकनीकों और निरंतर प्रयोगधर्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें कठोर चयन प्रक्रिया के बाद यह गौरव दिलाया है।
उनकी इस उपलब्धि पर Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, सांसद अजय भट्ट तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने बधाई देते हुए शुभकामनाएं दीं।
पुसा में मिला यह सम्मान एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि नवाचारी किसान भारतीय कृषि के भविष्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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By admin

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