कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का विस्तृत कार्यक्रम जारी, 18 दिन में पूरी होगी पवित्र यात्रा
देहरादून। कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का विस्तृत यात्रा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस वर्ष यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के रास्ते संचालित होगी। 18 दिनों की इस यात्रा में श्रद्धालु दिल्ली से टनकपुर, धारचूला, गुंजी, नाभीढांग और लिपुलेख दर्रे के रास्ते तिब्बत (चीन) पहुंचेंगे तथा कैलाश-मानसरोवर के दर्शन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटेंगे।
यात्रा का शुभारंभ पहले दिन दिल्ली से होगा। यात्री गाजियाबाद स्थित कैलाश भवन से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेंगे। दूसरे दिन बालेश्वर मंदिर के दर्शन करते हुए पिथौरागढ़ और फिर धारचूला पहुंचेंगे। तीसरे दिन धारचूला से बूढ़ी होते हुए गुंजी पहुंचने का कार्यक्रम है।
चौथे दिन गुंजी में सभी यात्रियों का आईटीबीपी मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद नपालीचू, नाबी और रोंगकांग गांवों का स्थानीय भ्रमण कराया जाएगा। पांचवें दिन यात्री कालापानी मंदिर और पवित्र ॐ पर्वत के दर्शन करते हुए नाभीढांग पहुंचेंगे।
छठा दिन नाभीढांग में अनुकूलन (एक्लाइमेटाइजेशन) के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में जाने से पहले यात्री स्वयं को वहां के वातावरण के अनुरूप ढाल सकें।
सातवें दिन यात्री नाभीढांग से लिपुलेख दर्रे के लिए रवाना होंगे। अंतिम एक किलोमीटर की पैदल चढ़ाई पूरी करने के बाद लिपुलेख दर्रे पर भारतीय अधिकारियों द्वारा यात्रियों एवं उनके सामान को चीनी अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसके बाद चीन के तिब्बत क्षेत्र में कैलाश-मानसरोवर यात्रा का कार्यक्रम वहां के अधिकारियों के समन्वय से संचालित होगा। यात्रियों का रात्रि विश्राम तकलाकोट में होगा।
तिब्बत में धार्मिक अनुष्ठानों और कैलाश-मानसरोवर दर्शन के बाद 15वें दिन श्रद्धालु पुनः लिपुलेख दर्रे के रास्ते भारत लौटेंगे। यहां भारतीय अधिकारियों को यात्रियों का हस्तांतरण किया जाएगा और इसके बाद वे बूढ़ी पहुंचेंगे।
16वें दिन बूढ़ी से धारचूला, डीडीहाट होते हुए चौकोड़ी पहुंचने का कार्यक्रम है। 17वें दिन यात्री पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट स्थित हाट कालिका मंदिर, जाजेश्वर धाम और चितई गोलू देवता मंदिर के दर्शन करते हुए अल्मोड़ा पहुंचेंगे।
यात्रा के अंतिम दिन अल्मोड़ा से प्रस्थान कर श्रद्धालु कैंची धाम और भीमताल में दर्शन एवं विश्राम के बाद दिल्ली स्थित कैलाश भवन, गाजियाबाद पहुंचेंगे, जहां यात्रा का औपचारिक समापन होगा।
पूरी यात्रा के दौरान उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (KMVN) के पर्यटक आवास गृहों एवं यात्रा शिविरों में भोजन, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण, ऊंचाई के अनुरूप अनुकूलन, सुरक्षा और सीमा पार की औपचारिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
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