समाचार सारांश टीम नेटवर्क Ramnagar-: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में आज तक 33 वन कर्मी शहीद हुए हैं जिनकी याद में आज 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस दौरान पार्क प्रशासन ने उन वीर वनकर्मियों को नमन किया तथा कहा कि जंगल, वन्यजीवों और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर अपने वनों पर बड़ा उपकार किया है।

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कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिवस वनकर्मियों के साहस और समर्पण की याद दिलाता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में सदैव सतर्क रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर श्री ध्रुव मर्तोलिया, प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर वन प्रभाग, श्री अंकित बड़ोला, उप प्रभागीय वनाधिकारी, श्री संदीप गिरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पश्चिमी वन प्रभाग, श्री अमित ग्वासीकोटी, पार्क वार्डन, श्री मनीष जोशी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान श्री धर्मपाल, वन दरोगा (सर्पदुली रेंज) ने जानकारी दी कि अब तक कार्बेट टाइगर रिजर्व में 33 वनकर्मी बाघ व हाथियों के हमले तथा विषैले सर्पदंश के कारण शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन शहादतों को स्मरण करना और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रहना हम सबका दायित्व है।

प्रभागीय वनाधिकारी श्री ध्रुव मर्तोलिया ने कहा कि वन शहीद दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे कर्मियों को किस प्रकार की चुनौतियों और खतरों का सामना करना पड़ता है।

निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने वनकर्मियों के साहस और समर्पण को प्रेरणादायक बताते हुए सभी को यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया कि वे वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

कार्यक्रम का समापन शहीद वनकर्मियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर किया गया।

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