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मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

पन्तनगर-: विश्वविद्यालय के मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में चार दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हो गया। यह कार्यक्रम 27 से 30 मई 2025 तक चला, जिसका सफल संचालन संयुक्त निदेशक डा. एस.के. मिश्रा के नेतृत्व में हुआ।
समापन सत्र में अतिथियों के रूप में डा. ए.एस. नैन, निदेशक शोध, डा. सुभाष चंद्रा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, डा. के.पी. सिंह, विभागाध्यक्ष प्लांट पैथोलॉजी और डा. पी.के. सिंह उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मशरूम उत्पादन में व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर जोर दिया और उन्हें व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत स्तर पर इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में कुल 45 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें से कई ने प्रशिक्षण की उपयोगिता और अनुभव साझा किए। गोरखपुर के प्रत्युष सिंह ने प्रशिक्षण की व्यावहारिकता की प्रशंसा की, जबकि दीप्ति जांगपांगी ने इसे प्रेरणादायक बताया और अपने गांव में मशरूम खेती शुरू करने की योजना साझा की। दिल्ली के सेल्स डायरेक्टर हर्ष बट्टा ने मशरूम के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला। दिनेशपुर के गगन ने देश सेवा में मशरूम खेती को एक अवसर बताया। वहीं नैनीताल के विशाल नेगी ने गुणवत्ता वाले मशरूम स्पॉन की उपलब्धता को चुनौती बताया। इस अवसर पर डा. ए.एस. नैन ने प्रतिभागियों को स्वयं का स्पॉन उत्पादन की क्षमता विकसित करने की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डा. एस.के. मिश्रा ने सभी गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिभागियों और कर्मचारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

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