रामनगर। तराई पश्चिम वन प्रभाग में पेड़ों के अनधिकृत रूप से कटान और अवैध खनन में लिप्तता के आरोप में सात वन कर्मियों पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामनगर वन रेंज के चार समेत छह दरोगाओं को मौजूदा तैनाती स्थल से हटाकर दूसरी जगह भेजा है। एक वन बीट अधिकारी पर 18 सागौन के गिल्टों को तस्करी के लिए छिपाने के आरोप में उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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तराई पश्चिम वन प्रभाग के एसडीओ मनीष जोशी ने बताया कि रामनगर रेंज में बीते दिनों पांच पेड़ अवैध रूप से काट दिए गए थे। हालांकि इनके गिल्टे बरामद कर लिए थे। एसडीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही थी। रेंजर की रिपोर्ट के आधार पर रामनगर रेंज के वन दरोगा मोहम्मद इमरान को प्रधान कार्यालय, मोहन चंद्र बिष्ट को रामनगर रेंज से हटाकर जुड़का अनुभाग, जगदीश चंद्र चौबे को रामनगर रेंज से हटाकर दक्षिणी जसपुर, चंद्र दत्त पांडे को रामनगर रेंज से हटाकर आमपोखरा भेजा गया है। वहीं कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक डॉ. धीरज पांडे ने यहां पेड़ों के अवैध कटान के मामले में एसआईटी की जांच बिठा दी है। बताया जा रहा है कि एसआईटी के रडार पर विभाग के कई अन्य कर्मचारी भी हैं। उन पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है। जोशी ने बताया कि एक वन बीट अधिकारी संदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अवैध खनन में लिप्तता मिलने पर वन दरोगा नवीन चंद्र को गुलजारपुर से हटाकर जसपुर तैनाती दी गई है। वन दरोगा गुरदेव सिंह को गुलजारपुर पश्चिम संबद्ध किया है। बताया कि आठ अप्रैल को जुड़का मुख्यालय के निरीक्षण में वन बीट अधिकारी संदीप कुमार को गैरहाजिर पाया था। 14 अप्रैल को औचक छापेमारी की गई तो गुर्जर बस्ती में सागौन के 18 गिल्टे छिपाए हुए पाए गए। पूछताछ में लोगों ने बताया कि वन बीट अधिकारी के इन गिल्टों को तस्करी के इरादे से यहां छिपाकर रखा था। डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि तस्करों से विभागीय गठजोड़ पाया गया तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।

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