दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार; कार्यालय से 61 पासपोर्ट और अवैध पिस्टल बरामद

रुद्रपुर। विदेश में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर दुबई भेजने का झांसा देकर युवक से दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के आवास विकास स्थित ‘जेड ग्लोबल’ कार्यालय से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद किया है। पुलिस अब बरामद पासपोर्ट और डायरी में दर्ज विवरणों के आधार पर अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, रुद्रपुर के वार्ड नंबर 21 निवासी मुजाहिद ने 29 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि प्रीत विहार निवासी अलीम खान ने आवास विकास स्थित अपने कार्यालय ‘जेड ग्लोबल’ के माध्यम से उसे दुबई में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अपनी मोटरसाइकिल और जेवर बेचकर दो लाख रुपये दे दिए।
आरोप है कि अलीम ने उसे वर्क परमिट के बजाय विजिटर वीजा पर दुबई भेज दिया। इतना ही नहीं, वीजा को एडिट कर वर्क वीजा जैसा दिखाया गया। दुबई पहुंचने पर वास्तविकता सामने आने के बाद युवक को वहां परेशानियों का सामना करना पड़ा और जुर्माना भी भरना पड़ा। किसी तरह भारत लौटने के बाद उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग तिथियों में केवल 30 हजार रुपये लौटाए और शेष 1.70 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 579/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। उपनिरीक्षक धीरज टम्टा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अलीम खान (29) पुत्र जमील अहमद, निवासी वार्ड नंबर 25, प्रीत विहार, रुद्रपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद किया है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 10/24 की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा आरोपी की होंडा एक्टिवा स्कूटी संख्या UK06BG3430 को यातायात नियमों के उल्लंघन के संबंध में मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सीज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बरामद पासपोर्ट और डायरी की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कितने अन्य लोगों से संपर्क किया और कहीं उनके साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की गई। मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम में शामिल: उपनिरीक्षक धीरज टम्टा, उपनिरीक्षक नरेश पंत, हेड कांस्टेबल राजकुमार और कांस्टेबल महेंद्र कुमार।