उत्तराखंड में अब भी जारी है खैर की लकड़ी का अवैध कारोबार, वन विभाग ने दो पिकअप वाहन किए उत्तराखंड में खैर की लकड़ी के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के प्रयास लगातार जारी हैं, लेकिन तस्कर अब भी सक्रिय हैं। तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर की टीम ने बाजपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खैर प्रकाष्ठ से लदे दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को कब्जे में लिया है।
रामनगर न्यूज़
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद आर्य और उप प्रभागीय वनाधिकारी किरण शाह के निर्देशन में वन क्षेत्राधिकारी बन्नाखेड़ा रेंज द्वारा अवैध पातन एवं खैर प्रकाष्ठ के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में शनिवार शाम करीब 7:20 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि बाजपुर की पहाड़ी कॉलोनी में दो संदिग्ध पिकअप वाहन UK04CA2905 और UK04CB1367 खड़े हैं, जिनमें खैर की लकड़ी भरी हुई है।
सूचना मिलते ही उप वन क्षेत्राधिकारी बन्नाखेड़ा दीवान सिंह रौतेला के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा (फर्द) तैयार किया गया और आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वाहनों को बन्नाखेड़ा रेंज परिसर ले जाया गया।
वन विभाग के अनुसार मामले में लकड़ी के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद वन अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल टीम
- दीवान सिंह रौतेला, उप वन क्षेत्राधिकारी
- दीपक नेगी, वन आरक्षी/कार्यालय सहायक
- सौरभ, वन आरक्षी
- ज्ञान सिंह, वन आरक्षी
- युवराज सिंह, कार्यालय सहायक
- विजय भट्ट, दैनिक श्रमिक
- किशन सिंह, वाहन चालक
यह कार्रवाई एक बार फिर संकेत देती है कि उत्तराखंड में खैर की लकड़ी का अवैध व्यापार पूरी तरह थमा नहीं है। वन विभाग ने ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
