
एटा में 12 साल की बच्ची की गले में चाऊमीन फंसने से मौत हो गई। बच्ची 9 दिन से व्रत थी। वह सोमवार दोपहर 12 बजे परिवार के साथ कासगंज के चामुंडा देवी मंदिर दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद करीब साढ़े 3 बजे उसने मेले में आइसक्रीम और चाऊमीन खाई।
बच्ची 4 बजे के करीब अपने परिवार वालों के साथ घर लौट रही थी। तभी रास्ते में अचानक उसे उल्टी होने लगी। घरवाले बच्ची को लेकर अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
एटा जिले के मिरहची की रहने वाली तनु (12) ‘द एंजेल फ्यूचर’ स्कूल में पढ़ती थी। वह सोमवार को कन्या पूजन करने के बाद अपने घर से चामुंडा मंदिर जाने के लिए निकली थी। उसके साथ उसकी मां, बुआ नीलम, छोटी बहन मनु (10) और भाई राघव (3) था।
मृतका की बुआ की बेटी सुदीप ने बताया- मंदिर में दर्शन के बाद तनु ने आइसक्रीम और चाऊमीन खाई थी। टेंपो से घर लौटते समय नदरई के पास तनु को उल्टियां होने लगीं। हम लोग उसे डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टरों ने उसे कासगंज के कलावती अस्पताल रेफर कर दिया।
तनु के पिता शरद असम के डिब्रूगढ़ में क्यूपो ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में टेक्नीशियन हैं। बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद वह रवाना हो चुके हैं। परिवार वाले उनके आने पर बच्ची का अंतिम संस्कार करेंगे।
एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया, चाऊमीन सांस की नली में फंसने से बच्ची की मौत होने की आशंका है। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
किशोरी का इलाज एटा में नहीं हुआ था, इसलिए इस मामले में ज्यादा जानकारी देना संभव नहीं। हो सकता है बच्ची ने बहुत जल्दी-जल्दी चाऊमीन खाई। या फिर सिर ऊपर करके खाया हो। जिस वजह से चाऊमीन उसके गले में फंस गई होगी।
नाम नहीं छापने की शर्त पर कासगंज के निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया, बच्ची को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। बच्ची के शरीर का रंग भी हल्का नीला पड़ा हुआ था। डॉक्टर ने आशंका जताई है कि बच्ची ने नूडल्स खाए थे। हो सकता है नूडल्स का कोई हिस्सा सांस की नली में फंसने से दम घुटा हो।