उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट: उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जिला प्रशासन में टनकपुर बनबसा को छोड़कर चंपावत देहरादून तथा पिथौरागढ़ जनपदों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है। मौसम विभाग के ताजा नाउकास्ट के अनुसार उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में अगले तीन घंटों के दौरान तेज से अति तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम चेतावनी के अनुसार नौगांव, पुरोला, बड़कोट, धरासू, मुनस्यारी, दारमा, डीडीहाट, बेरीनाग और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना है। यह चेतावनी 1 सितंबर 2026 को सुबह 5:13 बजे से 7:03 बजे तक प्रभावी बताई गई है।
आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा भारी बारिश और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में बारिश का तीव्र दौर भी देखने को मिल सकता है।
कई इलाकों में जमकर बरसे बादल
पिछले कुछ घंटों में उत्तराखंड के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध AWS आंकड़ों के अनुसार गूलरभोज में 59.5 मिमी, कालाढूंगी में 58 मिमी, चोरगलिया में 57.5 मिमी, जॉलीग्रांट में 47 मिमी और हरिद्वार में 40.5 मिमी बारिश दर्ज हुई।
इसके अलावा सितलाखेत में 36.5 मिमी, मोहकमपुर में 35 मिमी, चकराता में 31.5 मिमी, भैंसियाछाना में 31 मिमी, सकरी में 27 मिमी, कालसी में 26 मिमी, पंतनगर में 24.5 मिमी और नैनीताल में 22.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
ऋषिकेश के नीलकंठ क्षेत्र में 22 मिमी, कोश्याकुटोली में 21.5 मिमी, बड़कोट में 21.5 मिमी, मालदेवता में 21 मिमी और चंपावत में 14.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश
प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर बढ़ने तथा आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
