नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में विद्यार्थियों के लिए विशेष ‘वाइल्डलाइफ सफारी’ का आयोजन
प्रकृति, जैव विविधता और वन प्रबंधन के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में 07 से 09 मार्च 2026 तक विशेष शैक्षिक वाइल्डलाइफ सफारी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नैनीताल और चम्पावत जनपद के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 150 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। साथ ही हल्द्वानी के दिव्यांग बच्चों को भी इस पहल में विशेष रूप से शामिल किया गया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक वातावरण से परिचित कराना तथा उन्हें वन पारिस्थितिकी, वन्यजीव आवास, जैव विविधता संरक्षण और वन विभाग द्वारा किए जा रहे वन प्रबंधन कार्यों की जानकारी देना है। सफारी के दौरान छात्रों को नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के समृद्ध जंगलों, पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
प्रत्येक छात्र समूह के साथ प्रशिक्षित नेचर गाइड मौजूद हैं, जो सरल और रोचक तरीके से वन्यजीवों की पहचान, जैव विविधता के महत्व और प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता के बारे में समझा रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।
इसी क्रम में 07 मार्च 2026 को हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत नंधौर रेंज में एक दिवसीय जागरूकता एवं जंगल सफारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जूनियर हाई स्कूल लखनमंडी, चोरगलिया के 35 विद्यार्थी एवं 2 शिक्षक तथा जूनियर हाई स्कूल बसानी के 21 विद्यार्थी और 6 शिक्षक सहित नंधौर रेंज का वन स्टाफ भी उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले विद्यार्थियों को रिसेप्शन सेंटर में जानकारी दी गई, जहां चित्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से नंधौर क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों से परिचित कराया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को बटरफ्लाई पार्क ले जाया गया, जहां उन्हें विभिन्न तितली प्रजातियों और उनके जीवन चक्र के बारे में बताया गया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों को मछली वन क्षेत्र में ले जाया गया, जहां नंधौर नदी की पारिस्थितिकी तथा महत्वपूर्ण मछली प्रजाति गोल्डन महसीर के संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने सुनखेड़ी वॉच टावर और ट्री हाउस का भी भ्रमण किया, जहां उन्हें वन परिदृश्य और विभिन्न वन प्रबंधन गतिविधियों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अपने विचारों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
वन विभाग द्वारा इस प्रकार की पहल का उद्देश्य युवा विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना और उन्हें प्रकृति तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करना है। भविष्य में भी नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में इस प्रकार के शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे

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