जंगलियागांव में गुलदार की चहलकदमी से दहशत, बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
विद्यालय का समय बदलने की उठी मांग, वन विभाग सोमवार को लगाएगा कैमरे
नैनीताल। जंगलियागांव क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज के आसपास गुलदार की लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। विद्यालय के आसपास गुलदार की मौजूदगी की सूचना से सबसे अधिक चिंता उन अभिभावकों में है, जिनके बच्चे दूरदराज के गांवों से पैदल स्कूल पहुंचते हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों ने विद्यालय के समय में बदलाव करने की मांग उठाई है।
गुलदार की गतिविधियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर शनिवार को ग्राम प्रधान राधा कुल्याल की अध्यक्षता में अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यालय आने-जाने के दौरान बच्चों को जंगली क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में गुलदार की चहलकदमी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। अभिभावकों ने विद्यालय के सुबह और शाम के समय में आवश्यक बदलाव किए जाने का आग्रह किया, ताकि बच्चों को अंधेरे अथवा गुलदार की सक्रियता के समय रास्ते में न रहना पड़े।
10 से 12 किलोमीटर दूर से आते हैं बच्चे
अभिभावकों ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज जंगलियागांव में मलुवाताल और शिमाला समेत आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं। कई विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने के लिए करीब 10 से 12 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। इनमें से कई बच्चे काफी दूरी पैदल तय करते हैं और उन्हें स्कूल पहुंचने में करीब दो घंटे तक का समय लग जाता है। ऐसे में सुबह नौ बजे तक विद्यालय पहुंचना कई विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अभिभावकों का कहना है कि दूर से आने वाले बच्चों को सुबह जल्दी घर से निकलना पड़ता है। जंगल और सुनसान रास्तों से होकर गुजरने के कारण गुलदार की मौजूदगी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय में व्यावहारिक बदलाव करने की मांग की।
जंगल की सीमा पर कैमरे और पिंजरा लगाने की मांग
ग्राम प्रधान राधा कुल्याल ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नैनीताल वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी से भी वार्ता की। उन्होंने विद्यालय परिसर के बाहर जंगल की सीमा वाले क्षेत्र में कैमरे लगाने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग की, ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसकी मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
वन विभाग की ओर से सोमवार को क्षेत्र में कैमरे लगाए जाने का आश्वासन दिया गया है। इससे ग्रामीणों और अभिभावकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभिभावकों का कहना है कि जब तक गुलदार की गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता, तब तक बच्चों की आवाजाही के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
एकजुट होकर सुरक्षा के प्रयास का आह्वान
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह कुल्याल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सभी अभिभावकों और ग्रामीणों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने लोगों से गुलदार की गतिविधि दिखाई देने पर वन विभाग को तत्काल सूचना देने तथा बच्चों को अकेले जंगल अथवा सुनसान रास्तों से न भेजने की अपील की।
बैठक में पीटीए अध्यक्ष गोपाल दत्त पलड़िया, एसएमसी अध्यक्ष गोपाल सिंह पडियार, वीरेंद्र सिंह कुल्याल, तुलसी भट्ट, नरेंद्र सिंह पडियार, मोहन चंद्र, यशवंत कुमार, दुर्गा देवी, ममता कुल्याल, उषा कुल्याल, जानकी देवी, सुनीता, आशा, मीना, हंसी, कविता, दीपा भट्ट, राधा देवी, अनीता कुल्याल समेत दर्जनों अभिभावक मौजूद रहे।
अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि गुलदार की चहलकदमी के बीच बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। अब वन विभाग की ओर से सोमवार को लगाए जाने वाले कैमरों और विद्यालय के समय में संभावित बदलाव पर सभी की नजर रहेगी।
