क्या महंगी होगी प्याज? सरकार ने फिर बढ़ाई खरीद कीमत, ₹2,125 प्रति क्विंटल हुई दर; जानें क्या है प्लान
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नई दरें शनिवार 4 जुलाई 2026 से लागू होंगी. सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और बफर स्टॉक के लिए अधिक खरीद को बढ़ावा देना है।
क्या महंगी होगी प्याज? सरकार ने फिर बढ़ाई खरीद कीमत, ₹2,125 प्रति क्विंटल हुई दर; जानें क्या है प्लान
केंद्र सरकार ने एक बार फिर प्याज की खरीद कीमत में बढ़ोतरी की है. अब ये बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटल कर दी गई है. बता दें ये कीमत पहले ₹1,875 प्रति क्विंटल थी. इसमें करीब 13% की ग्रोथ हुई है. नई दरें शनिवार 4 जुलाई 2026 से लागू होंगी. सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाना और बफर स्टॉक के लिए अधिक खरीद को बढ़ावा देना है.
हालांकि, इस सीजन में प्राइस स्टैबिलाइजेशन फंड के तहत खरीदारी धीमी रही है. 1 जून से शुरू हुई खरीद के बावजूद अब तक केवल लगभग 2,000 टन प्याज ही बफर स्टॉक में जोड़ा जा सका है.
सरकार ने कहा है कि फिलहाल देश में प्याज की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी कमी के संकेत नहीं हैं. देशभर की मंडियों में रोजाना 50,000 टन से ज्यादा प्याज की आवक हो रही है. महाराष्ट्र अकेले 30,000 टन से अधिक सप्लाई दे रहा है, जहां औसत कीमत करीब ₹18 प्रति किलो है. वहीं, खुदरा बाजार में औसत कीमत लगभग ₹31 प्रति किलो बनी हुई है.
मंत्रालय के मुताबिक, अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज अभी स्टोरेज में है और आने वाले समय में उसे बाजार में लाया जाएगा. कुछ क्षेत्रों में कम बारिश और मानसून की देरी के कारण सट्टेबाजी बढ़ी है. लेकिन, वास्तविक मांग अभी कमजोर बनी हुई है. उत्पादन के मोर्चे पर 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख टन रखा गया है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है.
करीब 1.50 लाख टन प्याज विदेश भेजा गया
निर्यात भी जून में स्थिर रहा और करीब 1.50 लाख टन प्याज विदेश भेजा गया. हालांकि, आने वाले समय में निर्यात मांग कम होने की आशंका है क्योंकि पाकिस्तान और चीन से सस्ता प्याज अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हो रहा है. महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में खरीफ प्याज की बुवाई में करीब 15 दिन की देरी हुई है, जबकि कर्नाटक के चित्रदुर्ग और चल्लाकेरे क्षेत्र में बुवाई सामान्य स्तर के लगभग 60% तक पहुंच चुकी है ।
