लोक सेवा आयोग ने पुराने अभिलेखों के विनष्ट करने की दी अनुमति
हरिद्वार, 2 सितम्बर – उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने आयोग की अभिलेख सृजन, अनुरक्षण, नकल एवं विनिर्दान नियमावली-2011 (संशोधित) के तहत कई पुराने परीक्षा अभिलेखों को विनष्ट करने की स्वीकृति प्रदान की है।
सचिव गिरधारी सिंह रावत द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार, विनिर्दान समिति द्वारा अभिलेखों की जांच व निर्धारित प्रतिधारण अवधि पूर्ण होने के बाद यह निर्णय लिया गया।
विनष्ट किए जाने वाले अभिलेखों में मुख्यतः अचयनित अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र एवं अन्य दस्तावेज़ शामिल हैं। इनमें संयुक्त अपर अभियंता (आपातकालीन) परीक्षा-2002, संयुक्त राज्य अभियन्त्रण परीक्षा 2002 व 2005, राज्य अभियन्ता सेवा परीक्षा 2007, 2011, 2012, 2013, वन अधिकारी परीक्षा 2015 तथा सहायक अभियंता परीक्षा 2019 जैसी प्रतियोगी परीक्षाएँ सम्मिलित हैं।
कुछ परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र एवं दस्तावेज़ भी, जहाँ प्रतिधारण अवधि (एक से बारह वर्ष) पूर्ण हो चुकी है, विनष्ट किए जाएँगे।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया नियमित रिकॉर्ड प्रबंधन का हिस्सा है, जिससे अभिलेखागार को सुव्यवस्थित रखा जा सके और केवल आवश्यक अभिलेख ही संरक्षित रह सकें।


