समाजसेवी पं० पीयूष जोशी को “ब्राह्मण गौरव” सम्मान
जमीनी नेतृत्व और पारदर्शिता आंदोलन के लिए मिली पहचान
हल्द्वानी-: समाचार सारांश टीम नेटवर्क – भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर अखिल ब्राह्मण उत्थान महासभा, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित भव्य समारोह में युवा समाजसेवी पं० पीयूष जोशी को “ब्राह्मण गौरव” सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान समाज सेवा, पारदर्शिता आंदोलन, युवा सशक्तिकरण तथा आपदा प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
नैनीताल जनपद के हल्दूचौड़-लालकुआं क्षेत्र में 14 फरवरी 1998 को जन्मे पं० जोशी आज प्रदेश में उभरते जमीनी नेतृत्व के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले जोशी ने प्रारंभिक जीवन में ही शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को नजदीक से देखा, जिसने उनके सामाजिक कार्यों की दिशा तय की।
कम उम्र में ही उन्होंने छात्रों और युवाओं को संगठित कर स्थानीय समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की पहल की। बाद में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से उन्होंने पारदर्शिता अभियान को मजबूती दी। उनके द्वारा दायर कई मामलों में शिक्षा, छात्रवृत्ति, भर्ती प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं उजागर हुईं, जिन पर प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई।
कोविड-19 महामारी के दौरान उनका योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा। “Fight Against COVID-19” पहल के तहत उन्होंने स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार कर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने, ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद की। वहीं “My Food Help” अभियान के जरिए जरूरतमंदों तक राशन और भोजन पहुंचाया गया।
युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी वे सक्रिय हैं। उत्तराखण्ड युवा एकता मंच के माध्यम से उन्होंने रोजगार, भर्ती पारदर्शिता और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को संगठित किया। साथ ही माधवी फाउंडेशन के जरिए पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए उन्होंने “Instant Help” जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास में योगदान दिया, जो आपातकालीन स्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, लालकुआं-हल्द्वानी क्षेत्र में आवारा पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के मुद्दे को उन्होंने मानवाधिकार आयोग तक पहुंचाया, जिससे प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर गया।
समारोह में महासभा के राष्ट्रीय संयोजक पं० विशाल शर्मा ने कहा कि पं० पीयूष जोशी का कार्य दर्शाता है कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में कार्य करे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
पं० जोशी का कहना है कि सामाजिक परिवर्तन केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं, जागरूक नागरिकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने भविष्य में युवाओं के लिए स्थायी पारदर्शिता तंत्र विकसित करने और उत्तराखण्ड में संतुलित एवं न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।
बड़ी खबर(हल्द्वानी )कम समय में बड़ा सम्मान, पीयूष जोशी को मिली अहम उपलब्धि।।


