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शादी के बाद भी मिलने के लिए ब्लैकमेल मजबूर कर रही थी पुरानी महिला मित्र, कर दी हत्या


शादी के बाद भी मिलने के लिए मजबूर कर रही थी पुरानी महिला मित्र, कर दी हत्या

फरीदाबाद। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र के अंतर्गत कबूलपुर गांव के पास गंदे नाले में महिला का शव मिलने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस हत्या के मुख्य आरोपी ब्रह्मजीत को 21 अप्रैल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पुरानी महिला मित्र की हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि वह उसकी शादी के बाद भी उसे मिलने के लिए मजबूर और ब्लैकमेल कर रही थी। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के साथ ही उसके पिता जगविंद्र को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिसने अपने अपराधी बेटे को फरार होने में मदद की थी।

इस पूरे मामले की शुरूआत 15 अप्रैल को हुई थी, जब एक महिला बिजली का बिल भरने के लिए घर से निकली और घर वापस घर नहीं पहुंची। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब

वह नहीं मिली तो उनके बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके दो दिन बाद 17 अप्रैल को महिला का शव कबूलपुर मोहल्ले के पास एक गंदे नाले में बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत 17 अप्रैल को ही प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी। पुलिस ने 18 अप्रैल को

ब्रह्मजीत के पिता जगविंद्र को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में कबूला कि उसने वारदात के बाद अपने बेटे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पलवल तक छोड़ा था ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। पिता से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी तेज की और आखिरकार 21 अप्रैल को मुख्य आरोपी

को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी दोस्ती महिला से हुई थी और उनके बीच प्रेम संबंध बन गए थे। महिला आरोपी से 20 साल बड़ी थी। जनवरी 2025 में ब्रह्मजीत की शादी हो गई, जिसके बाद उसने महिला से दूरी बनानी शुरू कर दी। अनीता इस बात से नाराज थी और उसे लगातार मिलने के लिए दबाव बना रही थी। इसी विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ब्रह्मजीत ने महिला को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 15 अप्रैल को वह महिला को बहाने से बिजली बोर्ड ले गया और वहां से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर धतीर की तरफ जाने वाले गंदे नाले के पास जंगल में ले गया। वहां उसने महिला को जमीन पर गिरा दिया और उसकी गर्दन पर पैर रखकर तब तक दबाए रखा जब तक उसने दम न तोड़ दिया।

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