हल्द्वानी। सुमित हृदयेश ने नीट परीक्षा परिणाम और डीजल-पेट्रोल की संभावित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों मुद्दे आम जनता और युवाओं के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर विषय हैं।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आए गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामलों ने देशभर के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने कहा कि करीब 23 लाख परीक्षार्थियों की वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका आरोप था कि प्रभावशाली और संपन्न परिवारों के लोगों ने पैसे के बल पर परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया, जबकि ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा कि एक ही परीक्षा केंद्र पर दो-दो अभ्यर्थियों के बैठने जैसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में विधायक सुमित हृदयेश ने डीजल-पेट्रोल और सोने को लेकर केंद्र सरकार के फैसलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के एकतरफा बयानों और नीतिगत फैसलों का सीधा असर आम जनता और बाजार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि शेयर मार्केट की स्थिति खुद इस बात का संकेत देती है कि एक बयान से ही लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर फैसले लेने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया जाए, ताकि आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।


