मुख्यमंत्री के योगदान से शहर से गावं तक विस्तृत रूप लेता प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’

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सर्वाेच्च मानव मूल्य लिए ग्लोबल रूप लेता, डीएम सविन का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’

आज पुनः 5 ‘‘नंदा-सुनंदा’’ बालिकाओं की पढ़ाई हुई पुनर्जीवित

लगभग 12 लाख की धनराशि से अब तक 38 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित

बिन माता-पिता की बेटी अभिलाशा को मिला प्राजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ का सहारा, बीएससी नर्सिंग की पढाई पुनः जीवित

विधवा माताओं की 3 बेटियां विशाखा, अक्षिता, पीहू चौहान की स्कूली पढाई फिर से शुरू

बच्चों की पढाई न छुड़वांए अभिभावक; मिलता रहेगा, ‘‘नंदा-सुनंदा’’ का साथ

शिक्षित बेटियां; सशक्त समाज के मूलमंत्र के साथ आगे बढता डीएम सविन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा‘‘

देहरादून ० मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जिलाधिकारी सविन बंसल का प्रोजेक्ट ‘नंदा सुनंदा‘ बेटियों की शिक्षा एवं बेटियों को सशक्त बनाने में एक भागीरथ प्रयास है जिसके द्वारा निर्बल बेटियों को शिक्षा से सशक्त बनाने में अहम योगदान निभा रहा है। प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा से अब तक लगभग रू 12 लाख की धनराशि से 38 बेटियां की पढ़ाई को पुनर्जीवित किया गया है। आज 5 बेटियां नंदा-सुनंदा बनी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के योगदान एवं सहायता से प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनदा’’ को वृह्द्धस्तर पर पंहुचाने में सफलता मिल रही है। उनकी ही प्ररेणा से असहाय जरूरतमंद, संकटग्रस्त परिवारों की देवी स्वरूप नंदा-सुनदंा बालिकाओं की शिक्षा को निर्बाध रखने में जिला प्रशासन की टीम धरातल पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राजेक्ट नंदा-सुनंदा मानव मूल्य का प्रतिबिंम्ब है, जहां संकटग्रस्त परिवारों की बच्चियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार ने हमे सक्षम बनाया है कि हम संकटग्रस्त परिवारों तक पंहुचकर उन जरूरतमंद बच्चियों की शिक्षा को पुनर्जीवित करने में योगदान दे पा रहे हैं। उन्होंने बाल विकास विभाग की सीडीपीओ, आंगनबाड़ी एवं अन्य सम्बन्धित विभगों के सभी फिल्ड स्टॉप के कार्यों की सहराना कि जिनके कार्यों के कारण आज पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ मिल रहा है।
बेटियों को सशक्त बनाने का नंदा सुनंदा एक ग्लोबल प्रयास है। उन्होंने बेटियों की हौसला अबजाई करते हुए कहा कि आप अपनी शिक्षा की स्पार्क को जारी रखें आपकी शिक्षा का वहन जिला प्रशासन करेगा, उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा के द्वारा असहाय बालिकाएं जिनकी शिक्षा पारिवारिक मजबूरी के कारण बाधित हो रही है उनको पुनर्जीवित कर उनके सपनों में उड़ान भरने तथा सुरक्षित भविष्य की नीव रखने का एक आधार है। उन्होंने बेटियों में लक्ष्य प्राप्त करने की ललक जगाई। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बेटियों की पढाई न छुड़वाएं, शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है दुनिया का कोई भी हथियार शिक्षा से बड़ा नही है। उन्होंने बालिकाओं से कड़ी मेहनत से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने को प्रेरित किया।
जिला प्रशासन आपका सहयोग करता रहेगा। आज विकासखण्ड सहसपुर की बिना माता-पिता की बेटी अभिलाषा बीएससी नर्सिंग रू0 8725, विकासखण्ड कालसी की विधवा मॉ की बेटी पीहू चौहान कक्षा 08, 15950 रू०, विकासखण्ड डोईवाला की विधवा मॉ की बेटी अक्षिता रू0 14400, विधवा मॉ की बेटी विशाखा कक्षा 6 रू0 10700, तथा असहाय परिवार की बेटी अराध्या कक्षा 8 रू0 38200 जिनकी पढाई के लिए चैक दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्टेªट हर्षिता सिंह, नोडल पीसीपीएनडीटी डॉ ममता बहुगुणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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