विरसा संभाल गुरमत कैंप 2026 का भव्य समापन, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा और गुरमत संस्कारों की झलक
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हल्द्वानी। सिख मिशनरी कॉलेज सर्कल हल्द्वानी द्वारा आयोजित 13 दिवसीय “विरसा संभाल गुरमत कैंप 2026” का भव्य समापन गुरुद्वारा गुरु नानक पुरा साहिब, हल्द्वानी में आयोजित गुरमत समागम के साथ संपन्न हुआ। समागम में बड़ी संख्या में संगत, अभिभावकों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कैंप के दौरान बच्चों को गुरबाणी उच्चारण, कीर्तन, पंजाबी भाषा, गुरमुखी लेखन, सुलेख (Calligraphy), गुरमत विचार, सिख इतिहास, रहित मर्यादा, गतका प्रशिक्षण, शारीरिक स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता एवं नैतिक मूल्यों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना रहा।
समापन गुरमत समागम में बच्चों ने कीर्तन, कविता, भाषण, गुरमत विचार, पंजाबी भाषा कौशल तथा गतका प्रदर्शन के माध्यम से पिछले 13 दिनों में अर्जित ज्ञान एवं प्रशिक्षण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगत एवं अभिभावकों को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर कैंप के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागी बच्चों को उनके उत्साह, अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।
समारोह का मुख्य आकर्षण “ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ (चढ़दी कला) अवार्ड” रहा। कैंप में अनुशासन, सेवाभाव, गुरमत ज्ञान, नेतृत्व क्षमता एवं सर्वांगीण उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनित चार विद्यार्थियों को “चढ़दी कला अवार्ड” से सम्मानित किया गया। प्रत्येक विद्यार्थी को ₹1100 की सम्मान राशि प्रदान की गई। इस प्रकार कुल चार विशेष पुरस्कार, प्रत्येक ₹1100 की राशि सहित, बच्चों को प्रदान किए गए। यह सम्मान कैंप का सर्वोच्च पुरस्कार रहा, जिसका उद्देश्य बच्चों में उत्कृष्ट चरित्र, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं गुरमत मूल्यों को प्रोत्साहित करना है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज की पीढ़ी को गुरबाणी, गुरमत एवं सिख विरासत से जोड़ने के लिए ऐसे शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में सेवा, सिमरन, अनुशासन, नेतृत्व एवं नैतिक मूल्यों का विकास ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक सफलता है।
कैंप के सफल आयोजन में फैकल्टी सदस्यों, प्रशिक्षकों, सेवादारों, अभिभावकों एवं संगत के सहयोग की सराहना की गई। अंत में समस्त संगत ने गुरु का अटूट लंगर छका तथा भविष्य में भी ऐसे गुरमत एवं संस्कारमयी कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
ज्ञान • संस्कार • सेवा • सिमरन के उद्देश्य को समर्पित यह गुरमत कैंप बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक, शिक्षाप्रद एवं अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।
