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बड़ी खबर(हल्द्वानी) डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक ।।


हल्द्वानी

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये सभी बैंकर्स को कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने और लक्ष्य की पूर्ति करने के निर्देश दिये।

बैठक में जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी) पॉलीहाउस,
लद्यु उद्यमीस्वयं सहायता समूह, पशुपालन, मत्स्य पालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए समयबद्ध तरीके से ऋण निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा बैंकर्स किसानों को ऋण देने में सकारात्मक रवैया अख्तियार करेें।
उन्होंने कहा जिन बैंकर्स द्वारा लक्ष्य के अनुरूप ऋण मुहैया नही कराने पर ऐसे बैकर्स की सूची बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा सरकार द्वारा जो भी जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है लोगों को आरसेटी अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण दें ताकि लोग स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकते हैं।
बैठक में अधिकांश बैंकर्स पशुपालकों को लोन मुहैया नही कराते है और बैंकर्स द्वारा उनका प्रार्थना पत्र अस्वीकृत कर दिया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और लीड बैंक अधिकारी को ऐसे बैंकर्स की सूची बनाकर बनाने के निर्देश दिये उन्होंने कहा कि कोआपरेटिव, पशुपालन विभाग एवं बैंक आपस में समन्वय बनाकर सभी पशुपालकों के लोन की की समस्या का शीघ्र समाधान कर प्रगति रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को देना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के लिए एक व्यापक और विकासोन्मुख ऋण योजना तैयार करने हेतु राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के प्रयासों की सराहना की तथा इस बात पर बल दिया कि प्राथमिकता क्षेत्रों जैसे पर्वतीय में पर्याप्त और समयबद्ध ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए बैंकों, सरकारी विभागों तथा विकास संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, संबद्ध गतिविधियों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, आवास तथा सामाजिक अवसंरचना क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को सुदृढ़ करने से जिले में आजीविका संवर्धन, उद्यमिता विकास और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में मुकेश बेलवाल, जिला विकास प्रबंधक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ने कहा कि नाबार्ड की 7,928 करोड़ रुपये की संभाव्यता आधारित ऋण योजना से नैनीताल के विकास को नई गति मिलेगी। जिसमें फसल उत्पादन, बागवानी विकास, सिंचाई,कृषि यंत्रीकरण, दुग्ध उत्पादन, पोल्ट्री, मत्स्य पालन तथा अन्य संबद्ध गतिविधियाँ शामिल हैं। इनका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना तथा कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।

    बैठक में जनपद में कई महत्वपूर्ण विकास रणनीतियों को भी रेखांकित किया गया है, जिनमें बागवानी को प्रोत्साहन देना, दुग्ध एवं पशुपालन गतिविधियों को सुदृढ़ करना, कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला का विकास करना, किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देना, खाद्य प्रसंस्करण तथा ग्रामीण उद्यमों का विस्तार करना, भंडारण एवं विपणन अवसंरचना को मजबूत करना तथा स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना शामिल है। 
 *जिलाधिकारी ने बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों को योजना में दर्शाई गई संभावनाओं के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में संस्थागत ऋण का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।*

बैठक में जनपद के सभी बैंक के अधिकारी के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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