ढेला रेस्क्यू सेंटर में 20 वर्षीय नर बाघ की मौत, पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम निस्तारण
रामनगर । कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर में 2 मई की रात एक 20 वर्षीय नर बाघ की मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत का कारण वृद्धावस्था माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस बाघ को 15 नवंबर 2019 को ढिकाला रेंज से रेस्क्यू कर नैनीताल चिड़ियाघर भेजा गया था। बाद में 20 अप्रैल 2021 को इसे नैनीताल जू से ढेला रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित किया गया। वर्ष 2025 में वृद्धावस्था के चलते बाघ के शरीर में हुए ट्यूमर का सफल ऑपरेशन भी किया गया था।
मृत बाघ का पोस्टमार्टम 3 मई को रेस्क्यू सेंटर में ही पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया। इसमें वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यन्त शर्मा (कॉर्बेट टाइगर रिजर्व) और डॉ. हिमांशु पांगती (नैनीताल जू) शामिल रहे।
पोस्टमार्टम के दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा, उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटी, वन क्षेत्राधिकारी भानु प्रकाश हर्बोला सहित अन्य अधिकारी, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के नामित सदस्य, विश्व प्रकृति निधि और द कार्बेट फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के तहत मृत बाघ के शव को सभी अंगों सहित मौके पर ही विधिवत जलाकर नष्ट कर दिया गया।
(बड़ी खबर)कार्बेट रेस्क्यू सेंटर में नर बाघ की मौत ।।


