ताड़केश्वर मंदिर में होने जा रहा था बाल विवाह, पुलिस ने समय रहते रोका
पौड़ी। जनपद पौड़ी पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया है। मामला सतपुली क्षेत्र का है, जहां ताड़केश्वर मंदिर परिसर में नाबालिग का विवाह कराए जाने की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को मिली थी।
सूचना मिलते ही रिखणीखाल पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। मौके पर नाबालिग लड़की अपनी मां के साथ मौजूद मिली। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि विवाह कार्यक्रम 10 मई को प्रस्तावित था और वे तैयारियों के सिलसिले में मंदिर पहुंचे थे।
पुलिस द्वारा लड़की की आयु संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, जिसमें उसकी उम्र करीब 17 वर्ष 10 माह पाई गई। नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए लड़की को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
इसके बाद नाबालिग को आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण के उपरांत बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) कोटद्वार के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के निर्देशन में महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार दें तथा ऐसी कुरीतियों की सूचना तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस को दें।
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