जंगल की आग बुझाने गई महिला की दर्दनाक मौत, गैरसैंण के बूंगा गांव में मातम
गैरसैंण। चमोली जिले के गैरसैंण विकासखंड के आदिबदरी तहसील अंतर्गत बूंगा गांव में जंगल की आग ने एक महिला की जान ले ली। मंगलवार देर शाम तेज आंधी-तूफान के बीच फैली आग की चपेट में आने से 51 वर्षीय सुरेशी देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब सात बजे सुरेशी देवी अपनी गोशाला की ओर जा रही थीं। इसी दौरान जंगल में लगी आग तेज हवाओं के कारण
उनकी गोशाला तक पहुंच गई। आग तेजी से फैलने लगी तो ग्रामीण उसे बुझाने में जुट गए। सुरेशी देवी भी आग बुझाने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन तेज आंधी-तूफान के चलते अचानक भड़की आग की लपटों में घिरकर गंभीर रूप से झुलस गईं।
चौकी प्रभारी आदिबदरी अनिल आगरी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई गई। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं धनपुर रेंज गौचर के रेंजर नवल किशोर नेगी ने बताया कि देर रात ग्रामीणों से सूचना मिलने
पर वन विभाग की टीम मौके पर रवाना की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बूंगा वन पंचायत क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाई गई थी। तेज हवाओं के कारण आग गोशाला के पास तक पहुंच गई। आग बुझाने के दौरान महिला इसकी चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में आग पर काबू पा लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
ग्राम प्रधान बूंगा नरेंद्र सिंह ने बताया कि पड़ोसी गांव ढमकर के जंगल में लगी आग हवा के कारण बूंगा गांव तक पहुंच गई थी। गांव के ऊपरी हिस्से में रहने वाले लोग अपने घरों के
पास पहुंची आग बुझाने में लगे थे। इसी दौरान सुरेशी देवी हादसे का शिकार हो गईं। उन्होंने बताया कि मृतका के पति मगनलाल बीमार रहते हैं, जबकि उनके दो बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। ग्राम प्रधान ने सरकार और वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले बिरही क्षेत्र में भी जंगल की आग बुझाने के दौरान एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर मौत हो गई थी। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।


