बदायूं के एक नर्सिंग होम में गजब कांड हो गया। यहां कादरचौक स्थित राधिका नर्सिंग होम में कथित तौर पर डिलीवरी के दौरान के एक महिला कर्मचारी प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाने लगी और नवजात की मौत हो गई। यह बात जब परिवारीजनों को पता चली तो उन्होंने हंगामा कर दिया। परिवारवालों ने उक्त नर्सिंग होम के साथ-साथ कादरचौक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्टाफ पर भी गंभीर आरोप लगाए। परिवार ने कहा कि प्रसूता को लेकर वह पहले वहीं गए थे लेकिन उन्हें इस नर्सिंग होम में भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने कादरचौक सीएचसी के प्रभारी (एमओआईसी) को वहां से हटा दिया है। साथ ही नर्सिंग होम को सील करने और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डीमए ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
कादरचौक थाना क्षेत्र के ललसी नगला गांव निवासी छोटेलाल ने बताया कि उनकी पत्नी कृष्णा को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से कादरचौक सीएचसी में भर्ती कराया गया। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम शशिलता व दाई बबीता ने एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर से बात कर प्रसूता को राधिका नर्सिंग होम भेज दिया, जिसे एमओआईसी की बहन मोनिका राठौर संचालित करती हैं। नर्सिंग होम पहुंचते ही छोटेलाल से 15 हजार रुपये जमा करा लिए गए। आरोप है कि दोपहर में प्रसव के दौरान नर्सिंग होम की एक महिलाकर्मी ने प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों ने विरोध किया तो स्टाफ ने उन्हें धमकी दी। साथ ही कहा गया कि जबतक नर्सिंग होम के सभी पैसे जमा नहीं करा देते तब तक प्रसूता और नवजात के शव को से ले जाने नहीं दिया जाएगा। इस पर हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया उनकी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई। सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि मामला गंभीर है। कादरचौक सीएचसी के एमओआईसी को वहां से हटाकर ककराला भेज दिया गया है। नर्सिंग होम सील करने के आदेश दिए हैं।
कादरचौक क्षेत्र में प्रसूता के सीने पर बैठकर प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला संज्ञान में आते की अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी दौड़े-दौड़े राधिका नर्सिंग होम पहुंचे। वहीं, डीएम अवनीश राय ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें एसडीएम सदर, सीओ उझानी और एमओआईसी हैं। कमेटी ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। कमेटी की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। देर शाम प्रसूता को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि अस्पताल तो पंजीकृत है, लेकिन वहां कोई डाक्टर नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की मानकों की अनदेखी की जा रही थी। साथ ही उन्होंने बताया कि ककराला सीएचसी प्रभारी को कादरचौक सीएचसी का प्रभारी बनाया है।


