‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ पुस्तक का भव्य विमोचन
लालकुआँ /
लालकुआँ स्थित माँ अवंतिका मंदिर को केंद्र में रखकर वरिष्ठ पत्रकार रमाकान्त पन्त द्वारा लिखित पुस्तक ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ का एक गरिमामयी समारोह में विमोचन किया गया। सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता ने इस पुस्तक का अवंतिका मन्दिर में विमोचन कर इसे समाज व श्रद्धालुओं को समर्पित किया। विमोचन समारोह से पूर्व, क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने सपत्नीक इस पुस्तक का पूरे विधि-विधान से पूजन कर माँ अवंतिका का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में धर्म, समाज और उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस ऐतिहासिक अवसर पर सेंचुरी मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा, दिगम्बर अखाड़ा अयोध्या से विशेष रूप से पधारे बैरागी संत देवदास महाराज, माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती, आचार्य पण्डित चन्द्रशेखर जोशी, चन्द्रा खाती और गोपाल दत्त जोशी सहित कई गणमान्य लोग व श्रद्धालु मौजूद रहे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार
पुस्तक विमोचन के इस शुभ अवसर पर सेंचुरी मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने अपने विचार साझा करते हुए कहा:
”माँ अवंतिका मंदिर लालकुआँ और आसपास के क्षेत्रों के लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह हमारी अगाध आस्था, ऊर्जा और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का पावन केंद्र है। वरिष्ठ पत्रकार रमाकान्त पन्त ने अपनी इस पुस्तक के माध्यम से माँ अवंतिका के आध्यात्मिक महत्व, आस्था और क्षेत्रीय इतिहास को जिस गहराई व सुंदरता के साथ पन्नों पर संजोया है, वह अत्यंत सराहनीय है। पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के संरक्षण का उनका यह प्रयास वंदनीय है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखने में एक प्रकाश स्तंभ की तरह कार्य करेगी। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए मैं पन्त जी को हृदय से बधाई देता
नरेश चन्द्रा (उपाध्यक्ष, सेंचुरी मिल) ने कहा पुस्तक लालकुआँ क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक अनमोल दस्तावेज़ है। माँ अवंतिका के प्रति क्षेत्रवासियों की जो गहरी आस्था है, उसे पन्त जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से सजीव कर दिया है। सेंचुरी परिवार हमेशा से ही क्षेत्रीय संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण का हिमायती रहा है। यह पुस्तक निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति और अपनी जड़ों के प्रति प्रेम का संचार करेगी। इस भगीरथ प्रयास के लिए लेखक महोदय को बहुत-बहुत साधुवाद।”
लक्ष्मण खाती (अध्यक्ष, माँ अवंतिका मंदिर समिति) ने कहा
”मंदिर समिति और समस्त श्रद्धालुओं के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि माँ अवंतिका के पावन धाम पर इतनी सुंदर, विस्तृत और प्रामाणिक पुस्तक लिखी गई है। अनुभव और गहरी आस्था से माँ की महिमा को जिस प्रकार प्रस्तुत किया है, वह स्तुत्य है। यह पुस्तक न केवल हमारी वर्तमान पीढ़ी के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए भी माँ अवंतिका के इतिहास और प्रताप को जानने का एक बेहतरीन माध्यम बनेगी। माँ अवंतिका का आशीर्वाद हम सभी पर यूँ ही बना रहे।”


