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समाचार सारांश टीम नेटवर्क लालकुआं. उत्तराखंड राज्य गठन के बाद फर्जीवाड़ा तेजी के साथ बढ़ा है. कहीं नौकरी करने वाला फर्जी, कहीं शिक्षा दिलाने वाला फर्जी और कहीं फर्जी कागजात पर नौकरी दिलाने वाला फर्जी इन सब के बीच अब कागजों के फर्जीवाड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है ऐसा ही मामला लालकुआं में फर्जी स्थाई निवास, आय व अन्य प्रमाण पत्र बनाने का सामने आया है। मामले में लालकुआं एसडीएम तुषार सैनी ने कोतवाली पुलिस को पत्र भेज कर प्रमाण पत्र बनाने वाले जालसाज की जांच करने के लिए कहा है। वही मामले में राजस्व विभाग की टीम ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले जालसाजों को चिन्हित भी किया है।

लालकुआं एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि उन्हें तहसील से बनाए जाने वाले प्राण पत्रों में कुछ लोगों द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने के इनपुट मिले हैं। संज्ञान में आया है कि एक छात्रा का आय और स्थाई निवास प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाया गया है। छात्रा के दस्तावेज किसी दूसरे दस्तावेजों का क्यूआर कोड स्कैन का नाम व पता बदलकर बनाया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में लालकुआं कोतवाली को पत्र भेजा गया है। पुलिस से जांच कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले को पकड़ने को कहा गया है। वहीं लोगों को इसके लिए जागरूक किया गया है जिससे वह जालसालों के चुंगल में ना आए। मामले में जल्द कार्रवाई होगी।

राजस्व टीम ने कुछ जालसास किया चिन्हित

लालकुआं तहसील में सूत्रों के मुताबिक तहसील परिसर के बाहर बैठने वाले कुछ यह काम करते हैं। वह किसी दूसरे के प्रमाण पत्र को स्कैन करने के बाद नाम और पता बदलकर आय, जाति और स्थाई निवास प्रमाण पत्र बना रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तहसील की राजस्व टीम ने ऐसे कुछ लोगों को चिन्हित भी किया है। बता दे कि यह लोग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लाभ देकर फर्जी प्रमाण पत्र बना देते हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंप जाएगी।

एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि जो डिजिटल प्रमाण पत्र बन रहे हैं, उसमें क्यूआर कोड है, जिसे स्कैन करने पर पता चल जाता है कि वह फर्जी प्रमाण पत्र है या नहीं। यदि जिस व्यक्ति के नाम पर बना प्रमाण पत्र स्कैन करने के बाद उसी के नाम को दर्शाता है तो वह सही है, यदि किसी अन्य का नाम दर्शाता है तो ऐसे में प्रमाण पत्र फर्जी माना जाएगा। कहा जो लोग तहसील से संबंधित प्रमाण पत्र बनवाते हैं, वह तहसील में आकर या फिर लाइसेंस धारी सीएससी सेंटर से ही बनवाएं। ताकि फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने की गुंजाइश न बच सके। यदि इन लोगों में से कोई फर्जी प्रमाण पत्र बनता है तो उसके विरुद्ध जांच के उपरांत विधिक कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने का एक मामला सामने आया है। मामले में कोतवाली पुलिस को जांच के लिए पत्र लिखा है। मामले में जालसाज के खिलाफ जांच कर ककार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं- तुषार सैनी एसडीएम लालकुआं

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