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(बड़ी खबर)और रील ने बचाई ऐसे महिला की जान ।।


यूपी। मथुरा नाव हादसे में मौत को मात देकर बचीं 55 वर्षीय राजिंदर कौर ने सोशल मीडिया रील को अपने जिंदा बचने का एक बड़ा कारण बताया है। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। एक युवक की तलाश यमुना में हो रही है। राजिंदर कौर ने नाव पटलने के बाद के खौफनाक मंजर को बयां किया है। कहा कि नाव पलटने के बाद जब वह पानी में गिरीं तो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रील में देखे गए सुझावों को अपनाया और खुद को जिंदा रखने में कामयाब रहीं।

मौत को इतने करीब से देखने के खौफनाक अनुभव को साझा करते हुए राजिंदर ने कहा कि पानी में गिरने के बाद, मैंने अपना मुंह नहीं खोला और अपनी सांस रोक ली। मैंने अपने दोनों हाथ सीधे किए और पैरों को चलाना शुरू किया। बाद में, नाव से पहुंचे नाविकों ने मेरी मदद की और मुझे बाहर निकाला। मैंने नाविकों को एक अन्य युवक और एक महिला के बारे में भी बताया, जिन्हें बचा लिया गया। द ट्रिब्यून के अनुसार, महिला ने बताया कि नाव पर करीब 38 लोग सवार थे। अचानक नाव को बीच रास्ते में रोक दिया गया। सभी ने इसका कारण पूछा तो नाविक ने उनसे दूसरी नाव में जाने को कहा। इस पर मैंने और अन्य महिलाओं ने मना कर दिया। बाद में चार बुजुर्ग दूसरी नाव में चले गए और वे भाग्यशाली रहे कि उन्हें इस त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ा। इसी बीच एक पीपा पुल तेजी से पास आया और हमारी नाव से टकरा गया। इससे नाव पुल की रस्सी में फंस गई और पलट गई। इसके बाद, पुल नाव के ऊपर गिर गया।

पुल गिरने से जब नाव पलटने लगी तो उन्होंने उसे पकड़ लिया क्योंकि वह वहां खड़े होकर वीडियो बना रही थीं। जब पुल नाव पर गिरा, तो उन्होंने नाव छोड़ दी और पानी में छलांग लगा दी। राजिंदर ने कहा कि नाव के नीचे फंसे लोगों को नहीं बचाया जा सका क्योंकि पुल उनके ऊपर गिर गया था और उसने उन्हें हिलने या तैरने का मौका नहीं दिया। राजिंदर ने बताया कि मैं मौत के करीब थी और अचानक मुझे इंस्टाग्राम पर देखी गई एक रील याद आई। इसमें डूबने से बचने का तरीका सिखाया गया था। मैंने उन स्टेप्स का पालन किया। अपनी सांस को रोक लिया और मुंह को बंद कर लिया। हाथ सीधे करके लगातार पैर चलाने लगी। इससे मैं पानी के अंदर जाने से बच गई। पानी मेरे मुंह और नाक में प्रवेश नहीं कर सका और मैं डूबने से बच गई। बाद में नाव लेकर पहुंचे एक नाविक ने हवा भरी हुई ट्यूब फेंकी, जिसे पकड़कर मैं जीवित बाहर निकल आई। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वृंदावन के केशीघाट के सामने यमुना में हुए हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें 12 लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के थे, जबकि चार पंजाब के अन्य स्थानों से थे। एक अब भी लापता है। उसकी तलाश हो रही है।

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