देहरादून
14,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ने की योजना पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने असहमति व्यक्त की है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर आंगनवाड़ी केंद्रों में इस प्रणाली के कार्यान्वयन का विरोध किया है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला कि 14,000 केंद्रों को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच इस मामले को लेकर व्याप्त आक्रोश को उजागर किया।
नेगी ने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी गतिविधियों को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ना है, लेकिन उसे उन परिस्थितियों पर भी विचार करना चाहिए जिनके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्र संचालित करती हैं और अपने परिवारों का भरण-पोषण करती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 1975 में विधवाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से महिला सशक्तिकरण और बाल विकास योजना शुरू की थी।
इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सरकार ने विभिन्न विभागों का बोझ इन कार्यकर्ताओं पर डाल दिया है और उनसे कम मानदेय और बिना यात्रा भत्ते के कई ज़िम्मेदारियाँ संभालने की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कहा, “सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने का दावा कैसे कर सकती है जब वह इस तरह की माँगें थोपती है?”
उन्होंने कहा कि अगर सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ने पर ज़ोर देती है और साथ ही उन्हें अतिरिक्त विभागीय ज़िम्मेदारियाँ भी सौंपती है, तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगी। सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार को ऐसी राजनीतिक चालों के परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन शर्तों के तहत बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करती है, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपना काम केवल अपने-अपने केंद्रों तक ही सीमित रखेंगी।
नेगी ने आगे कहा कि अगर सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मजबूर करती है, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरने को विवश होंगी।


