उत्तराखण्ड में मूसलधार बारिश से बिगड़े हालात, कई जिलों में अलर्ट
देहरादून/रुद्रप्रयाग/नैनीताल, 29 अगस्त 2025।
प्रदेश के कई जनपदों में लगातार हो रही भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
⛈️ मौसम विभाग की चेतावनी
- अगले 3 घंटे (सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक) चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रभावित क्षेत्र – देविधुरा, टनकपुर, बनबसा, खटीमा, पंचेश्वर आदि।
- इसी प्रकार देहरादून जिले के चकराता, साहिया, कालसी, विकासनगर क्षेत्रों में भी बहुत तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश का पूर्वानुमान है।
🌊 अलकनंदा नदी खतरे के करीब
पौड़ी गढ़वाल जनपद के श्रीनगर में अलकनंदा नदी सुबह 8:00 बजे सामान्य से ऊपर बह रही थी। नदी का जलस्तर 535.20 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से 0.20 मीटर ऊपर है। हालांकि, यह अभी खतरे के स्तर से 0.80 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट पर है।
☔ रुद्रप्रयाग में बादल फटने से हाहाकार
जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान की खबर है।
- स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त और बोलेरो वाहन बह गया।
- बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी में गदेरे में पानी और मलबा आने की सूचना।
- किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बोल्डर गिरे।
- अरखुण्ड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गए।
- छेनागाड़ बाजार में मलबा भरने से कई वाहन बह गए।
- छेनागाड़ डुगर गांव एवं जौला बड़ेथ में कुछ लोगों के लापता होने की आशंका।
🛑 प्रशासन की सक्रियता
- जिलाधिकारी प्रतीक जैन लगातार आपदा कंट्रोल रूम से हालात की निगरानी कर रहे हैं।
- प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं।
- वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित कर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मुख्य सचिव पहुंचे कंट्रोल रूम
विगत रात्रि हुई अतिवृष्टि से बिगड़े हालातों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की और राहत कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए।
📰 पिथौरागढ़ में मूसलधार बारिश से नदियां उफान पर, काली नदी खतरे के निशान के पार 📰
जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। धारचूला क्षेत्र में काली नदी का जलस्तर आज सुबह 7:30 बजे चेतावनी स्तर 889.00 मीटर से ऊपर पहुँचकर 889.20 मीटर दर्ज किया गया। अतिवृष्टि की स्थिति में नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्कता एवं सुरक्षा बरतने की अपील की है।
🌧️ वर्षा की स्थिति (सुबह 8:00 बजे तक का आँकड़ा)
- धारचूला – 112.4 मि.मी.
- डीडीहाट – 84.6 मि.मी.
- तेजम – 85.0 मि.मी.
- बंगापानी – 78.0 मि.मी.
- पिथौरागढ़ – 56.0 मि.मी.
- थल – 50.0 मि.मी.
- कनालीछीना – 45.3 मि.मी.
- बेरीनाग – 33.6 मि.मी.
- मुनस्यारी – 27.4 मि.मी.
- देवलथल – 20.5 मि.मी.
- गंगोलीहाट – 12.5 मि.मी.
- गणाई गंगोली – 12.1 मि.मी.
⛈️ जिले में कई जगहों पर भूस्खलन और मलबा आने से ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध होने की खबर है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
