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(बड़ी खबर) सास, साले,मामा, की हत्या करने वाले को पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढेर ।।


सास साले की हत्या करने वाला आरोपी दामाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

पंचायत में किया था डबल मर्डर

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में डबल मर्डर के आरोपी दामाद अफसर उर्फ बौरा (40) को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह इज्जतनगर थाना क्षेत्र में बाई पास हुई। आरोपी ने एक दिन पहले ही पारिवारिक पंचायत के दौरान अपनी सास और साले की चाकू से हत्या कर दी थी और फरार हो गया था।

पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ आरोपी एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 6 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख अफसर ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी

कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके सीने में लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

17 घंटे पहले पंचायत में किया था डबल मर्डर आरोपी अफसर ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे इज्जतनगर क्षेत्र के रहपुरा चौधरी इलाके में एक पंचायत के दौरान अपनी सास आसमा (54) और साले आदिल (20) पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पत्नी पर भी किया जानलेवा हमला घटना के दौरान बीच-बचाव करने आई पत्नी साइमा को भी आरोपी ने नहीं बख्शा और उस पर

भी चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में साइमा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह जानकारी के मुताबिक, आरोपी अफसर खान एंबुलेंस चालक था और उसकी शादी करीब

9 साल पहले साइमा से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते साइमा पिछले कुछ दिनों से अपने मायके में रह रही थी। विवाद सुलझाने के लिए सोमवार को पंचायत बुलाई गई थी।

पंचायत ज्वेलर राशिद खान के घर पर चल रही थी, जो आरोपी के

2006 में मामा की हत्या के आरोप में हुई थी आजीवन कारावास की सजा

घर से करीब 50 मीटर दूर है। इसी दौरान अफसर अपने साथ लाया चाकू निकालकर अचानक उग्र हो गया और वारदात को अंजाम दे डाला।

पहले भी हत्या के मामले में जा चुका था जेल आरोपी अफसर का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वर्ष 2006 में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें 2009 में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। हालांकि, उसने हाईकोर्ट में अपील की और 2015 में उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद से वह जेल से बाहर था।

5 टीमों की तलाश के बाद हुआ एनकाउंटर घटना के बाद एसएसपी अनुराग आर्य खुद मौके पर पहुंचे थे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 5 पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह मुठभेड़ में आरोपी को ढेर कर दिया गया।

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