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(बड़ी खबर) प्रदेश के आलू किसानों को न हो असुविधा, बाजार हस्तक्षेप योजना को शीघ्र स्वीकृति कराने के दिए निर्देश


प्रदेश के आलू किसानों को न हो असुविधा, बाजार हस्तक्षेप योजना को शीघ्र स्वीकृति कराने के दिए निर्देश

न्यूज ऑफ इंडिया ( एजेंसी)

लखनऊ-

उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आज आलू की आगामी उपज के सुचारू प्रबंधन, भंडारण और विपणन व्यवस्थाओं को लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान मौसम के अनुकूल होने के कारण पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है, जिसके दृष्टिगत मंत्री जी ने अधिकारियों को पूर्व-नियोजित और सुदृढ़ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि आलू किसानों को अपनी उपज बेचने या रखने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।

समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रदेश में आलू उत्पादन बढ़ने के अनुमान के बावजूद भंडारण क्षमता पर्याप्त रूप से उपलब्ध है और बड़ी संख्या में कोल्ड स्टोरेज के स्थान रिक्त हैं। एहतियाती कदम उठाते हुए मंत्री जी ने निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के बाजारों और वहां के आलू व्यापारियों से अभी से संपर्क स्थापित किया जाए ताकि आवश्यकतानुसार विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। इसके साथ ही उन्होंने नवनिर्मित कोल्ड स्टोरेज का संचालन तत्काल शुरू करने और उनमें भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।

आलू उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों और मंडलों में व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवंटित मंडलों का भौतिक निरीक्षण करें और फसल की पूर्व आवक से पहले विपणन एवं भंडारण की समस्त कमियों को दूर करें। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आलू किसानों को असुविधा से बचाना है, जिसके लिए मंडलवार अधिकारियों की तैनाती कर जवाबदेही तय की गई है।

बैठक में मंत्री ने बाजार हस्तक्षेप योजना (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) को शीघ्र स्वीकृति कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मल्टी-चैंबर शीतगृहों के निर्माण को प्रोत्साहित करने और पुराने शीतगृहों को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर जोर दिया, जिससे आलू के साथ-साथ अन्य बागवानी फसलों का भी सुरक्षित भंडारण संभव हो सके।

समीक्षा बैठक में भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, बी.एल. मीणा, निदेशक भानु प्रकाश राम, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव रजनीकांत पाण्डेय संयुक्त निदेशक सर्वेश कुमार, राजीव वर्मा सहित सभी मंडलों और जनपदों के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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